प्रयागराज। शंभूनाथ रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल, झलवा, प्रयागराज में प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन ““ट्रांसफॉर्मिंग नर्सिंग प्रैक्टिस थ्रू इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और लीडरशिप ” का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य नर्सिंग प्रैक्टिस में नवाचार, आधुनिक तकनीक और प्रभावी नेतृत्व के माध्यम से सुधार और सशक्तिकरण करना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अशोक कुमार बिश्नोई, डीन नर्सिंग, अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ और विशिष्ट अतिथि डॉ. लोकेश अग्रवाल, डीन मेडिकल, अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ उपस्थित रहे। उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिसमें डॉ. बिश्नोई ने नर्सिंग शिक्षा में तकनीकी नवाचार, अनुसंधान और नेतृत्व क्षमता के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. अग्रवाल ने नर्सिंग को स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ बताया और ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन को ज्ञान-विनिमय एवं कौशल विकास के लिए उपयोगी माना। इस सम्मेलन के मुख्य संरक्षक कोशल कुमार तिवारी सचिव, शंभूनाथ ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस, ने अपने संबोधन में कहा, “नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता का प्रतीक है। बदलते समय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नर्सिंग क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीक का समावेश और सशक्त नेतृत्व अत्यंत आवश्यक है। प्रबंध निदेशक अभिषेक तिवारी और कार्यक्रम के संरक्षक डॉ. आर. के. सिंह, निदेशक, शंभूनाथ ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस ने सम्मेलन को मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान किया। प्रोफेसर (डॉ.) संतोष एस. यू., प्राचार्य, शंभूनाथ नर्सिंग कॉलेज ,ने इसे नर्सिंग विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए नेतृत्व क्षमता को विकसित करने और भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण मंच बताया। सम्मेलन के प्रथम दिन के सत्र में प्रमुख वक्ताओं ने नर्सिंग शिक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य, बच्चों के स्वास्थ्य और नेतृत्व कौशल से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए। प्रोफ. (डॉ.) दिप्ती शुक्ला, पीएचडी (नर्सिंग)प्रिंसिपल, समर्पण इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज, लखनऊ , वाइस-प्रेसिडेंट (टी.एन.ए.आई, यूपी स्टेट ब्रांच), डॉ. ज्योति कठवाल, पीएचडी (नर्सिंग), असिस्टेंट प्रोफेसर, एआईआईएमएस, बिलासपुर; डॉ. डी. अंजलाच्ची मुथुकुमरन, पीएचडी (नर्सिंग) वाइस-प्रिंसिपल और विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग, ईरा कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग, ईरा यूनिवर्सिटी, लखनऊ ,श्री नरेंद्र पाल सिंह चौधरी, एसोसिएट प्रोफेसर, एआईआईएमएस रायबरेली; और प्रोफ. (डॉ.) जस्मी जॉनसन, पीएचडी (नर्सिंग) डीन/प्रिंसिपल, फैकल्टी ऑफ़ नर्सिंग, रामा यूनिवर्सिटी, कानपुर शामिल थे। सत्र के मॉडरेटर के रूप में प्रोफ. (डॉ.) रमेश एस., पीएचडी (नर्सिंग), प्रिंसिपल, इंदिरा गांधी स्कूल और कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग, अमेठी, कार्यरत थे। सम्मेलन में देशभर से कुल 610 शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी ने ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से सक्रिय भागीदारी की। और प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से ज्ञानवर्धन किया। दिन का यह सत्र नर्सिंग शिक्षा और पेशेवर कौशल विकास के लिए प्रेरक और जानकारीपूर्ण साबित हुआ।

















Anveshi India Bureau



