जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को तहसील मेजा में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिकायतों का निस्तारण समयबद्धता एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने पोषण अभियान के अंतर्गत चार महिलाओं—सविता देवी, रचना कुमारी, कविता कुमारी और अंजली की गोदभराई कराई तथा तीन बच्चों—दिव्यांशी, वेदांश और अर्पिता का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को लगाए जाने वाले टीकों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने जनसमस्याओं को सुनते हुए राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतों की जमीनी स्तर पर जांच कर उनका गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जन-शिकायतों का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। साथ ही शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेकर उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

समाधान दिवस में आए विभिन्न मामलों पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत कनिगड़ा (विकास खंड उरुवा) के ग्राम प्रधान केशव दास द्वारा पेयजल टंकी निर्माण कार्य शुरू न होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) को जल्द कार्य प्रारम्भ कराने का निर्देश दिया। इसी प्रकार अत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत कराने के मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
इसके अतिरिक्त कृष्णा बिहारी द्वारा बोरिंग के लिए 7.5 एचपी विद्युत कनेक्शन के लंबित होने की शिकायत पर अधिशासी अभियंता विद्युत को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए गए। वहीं किरन देवी द्वारा परिवार रजिस्टर से नाम हटाकर जमीन कब्जाने के प्रयास की शिकायत पर डीपीआरओ को जांच कर कार्रवाई करने को कहा गया। ग्राम औता तुलापुर निवासी शशिकांत शुक्ला द्वारा तालाब के किनारे क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन से करंट उतरने की आशंका जताने पर विद्युत विभाग को तत्काल सुधार कार्य कराने का निर्देश दिया गया।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 209 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें राजस्व विभाग की 70, पुलिस विभाग की 43, विकास विभाग की 15, समाज कल्याण विभाग की 3 तथा अन्य विभागों की 78 शिकायतें शामिल थीं। इनमें से 13 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पूजा मिश्रा, उपजिलाधिकारी मेजा सुरेन्द्र प्रताप यादव, परियोजना निदेशक भूपेन्द्र कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी जी.पी. कुशवाहा, जिला पंचायतराज अधिकारी रविशंकर द्विवेदी, जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त मेजा एस.पी. उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Anveshi India Bureau



