Saturday, February 14, 2026
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सीएम योगी बोले : इलाहाबाद विश्वविद्यालय का समाज के हर क्षेत्र में योगदान, गौरवशाली परंपरा पुन: होगी वापस

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 136वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने जाने माने कवि कुमार विश्वास को विवि की ओर से मानद उपाधि प्रदान की। साथ ही विभिन्न पाठ्यक्रमों के मेधावियों को भी उपाधियां दी। सीएम ने कहा कि इलाहाबाद विवि की एक गौरवशाली परंपरा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय की एक गौरवशाली परंपरा रही है। न्याय पालिका में सुप्रीम कोर्ट से लेकर जिला न्यायालय तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय से निकले छात्र सेवा दे रहे हैं। सार्वजनिक जीवन से लेकर विज्ञान, राजनीति, साहित्य. कला, शिक्षा हर क्षेत्र में यहां के छात्र आज देश का नाम रोशन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय अपना पुरातन गौरव को प्राप्त करने के लिए जिस तरह से आगे बढ़ रहा है इससे वह दिन दूर नहीं जब वह अपने इस लक्ष्य को जरूर प्राप्त करेगा। सीएम योगी बुधवार को इलााहबाद विवि के 136 वें दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जाने माने कवि कुमार विश्वास को मानद उपाधि प्रदान की। साथ ही अन्य मेधावियों को भी उपाधि दी।

सीएम योगी ने कहा कि हमें समय के साथ चलने की जरूरत है। जो समय के साथ नहीं चलता है समय उसको समाप्त कर देता है। इसलिए विवि को चाहिए को वह अपने छात्रों को समय की गति से दस कम आगे चलने के लिए तैयार करना चाहिए ताकि छात्र समय की चुनौतियों का सामना करते हुए देश को आगे बढ़ाने का कार्य कर सकें। कहा कि इलाहाबाद की यह खासियत है कि यहां जो जिस भाव से आता है वह वैसा ही बन जाता है। कहा कि इलाहाबाद विवि अपनी प्रतिष्ठा के लिए जाना जाता है। जीवन का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसमें इलाहाबाद विवि ने इस देश को कुछ न दिया है।

 

समय के साथ नहीं चले तो बन जाएंगे पिछलग्गू

सीएम योगी ने कहा कि समय के साथ चलेंगे तो समाज, देश और दुनिया हम सबका अनुसरण करेगी नहीं तो हम पिछलग्गू बनकर ही रह जाएंगे। यह व्यक्ति पर निर्भर है कि  समय के साथ चलना है या अपने को पिछड़ा घोषित करना कर पिछलग्गू बनकर रहना है। इलाहाबाद विवि इसी द्वंद का शिकार है। विपरीत चुनौतियों का सामना करते हुए विवि अपनी पुरानी, प्रतिष्ठा और गौरव को प्राप्त करने लिए जूझ रहा है। एक दिन इसे जरूर सफलता मिलेगी इसमें कोई संदेह नहीं है।

 

 

 

संविधान की मूल प्रति में नहीं हैं पंथनिरपेक्ष व समाजवादी शब्द

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संविधान की मूल प्रति में पंथनिरपेक्ष और समाजवाद जैसा कोई शब्द नहीं है। यह दो शब्द तब जोड़े गए जब संसद भंग थी और न्यायपालिका के अधिकार कुंद कर दिए गए थे। जिन लोगों ने संविधान का गला घोंटने का काम किया था, वह आज संविधान बचाने का ढिंढोरा पीट रहे हैं। प्रश्न यह उठता है कि यह समाज उन लोगों का मूल्यांकन कब करेगा, जो लोकतंत्र के लिए स्वयं एक खतरा है। इन्होंने संविधान में स्वयं अपनी मर्जी से छेड़छाड़ करने का कुत्सित प्रयास करने के साथ लोकतंत्र को पैरालाइज करने का प्रयास भी किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी के नाम पर परिवारवाद की चाटुकारिता करने वाले यह बताएं कि क्या एक परिवार की चाटुकारिता ही समाजवादी आंदोलन है। उन्होंने छात्र संघ के मुद्दे पर कहा कि छात्र संघ चुनाव में शिरकत करने के लिए अधिकतम आयु निर्धारित होनी चाहिए। सीधे तौर पर पर ना सही लेकिन उन्होंने विश्वविद्यालय में छात्र संघ बहाली की वकालत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर आठ मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए। साथ ही कवि कुमार विश्वास को मानव उपाधि प्रदान की।

 

Courtsy amarujala.com

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