Sunday, February 15, 2026
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यात्रियों को स्वच्छ एवं उच्च गुणवत्ता वाला लिनन प्रदान करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे की प्रतिबद्धता*:—शशि कांत त्रिपाठी सीपीआरओ एनसीआर

सभी रेल यात्रियों को स्वच्छ एवं उच्च गुणवत्ता वाला लिनन प्रदान करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे प्रतिबद्ध है। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शशि कांत त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे का लिनन मैनेजमेंट एसी क्लास के यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता को प्राथमिकता देता है। हर यात्री को गाइडलाइन्स के अनुसार 2 बेडशीट, 1 पिलो कवर और 1 ब्लैंकेट प्रदान किया जाता है, और इनका वाशिंग कार्य यात्रियों के अनुभव को सर्वोत्तम बनाने के लिए विशेष रूप से सावधानीपूर्वक किया जाता है।

लिनन की वाशिंग प्रक्रिया

लिनन, पिलो कवर और तौलिए की वाशिंग प्रक्रिया इस प्रकार से संचालित की जाती है कि इन्हें हर उपयोग के बाद धोया जाता है, चाहे वह यात्रा के विभिन्न चरणों में ही क्यों न हो। उदाहरण के लिए, अगर कोई ट्रेन प्रयागराज से मुंबई जा रही है और पहले यात्री ने प्रयागराज से भोपाल तक यात्रा की, फिर दूसरा यात्री भोपाल से इटारसी और तीसरा इटारसी से मुंबई तक, तो तीन सेट लिनन का उपयोग होगा, और हर सेट को उपयोग के बाद वाश किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत यदि एक ट्रेन के यात्रा मार्ग में कई यात्री होते हैं, तो प्रत्येक यात्री को नया लिनन प्रदान किया जाता है और लिनन का उपयोग समाप्त होने के बाद हर सेट को धोकर फिर से इस्तेमाल किया जाता है।

ब्लैंकेट वाशिंग प्रावधान

ब्लैंकेट के संबंध में, त्रिपाठी ने बताया कि यह प्रत्येक महीने धोए जाते हैं ताकि उनकी गुणवत्ता बनी रहे। पहले, 2010 से पहले ब्लैंकेट को हर तीन महीने में धोने का नियम था, लेकिन 2016 के बाद इसे हर महीने धोने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस संबंध में यात्रियों से कई बार शिकायतें आई हैं, जिन पर रेलवे लगातार काम कर रहा है। ब्लैंकेट की मिसहैंडलिंग से बचने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं, और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इसका उपयोग सावधानीपूर्वक हो।

*लिनन की गुणवत्ता प्रबंधन और वाशिंग सुविधाएं:*

उत्तर मध्य रेलवे के पास प्रयागराज और ग्वालियर में दो लॉन्ड्री सुविधाएं उपलब्ध हैं, और अन्य स्थानों के लिए वाशिंग कार्य आउटसोर्स किया जाता है। हर लॉन्ड्री में एक सीनियर सेक्शन क्लर्क (SSC) नियुक्त होता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि धोया गया लिनन फटा हुआ न हो। इसके अलावा, लिनन की सफेदी की जांच वाइटोमीटर से की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह सफेदी मानकों के अनुरूप है।

*यात्रियों को दो बेडशीट देने का उद्देश्य:*

यात्रियों को दो बेडशीट देने का उद्देश्य है कि वे एक बेडशीट को बिछाएं और दूसरी को ओढ़ें, ताकि ब्लैंकेट सीधे संपर्क में न आए। अब कई प्रीमियम ट्रेनों, जैसे प्रयागराज एक्सप्रेस और बुंदेलखंड एक्सप्रेस की फर्स्ट एसी क्लास में ब्लैंकेट को कवर करके दिया जाने लगा है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित की जाती है।

*लिनन की उपयोगी अवधि और डेट स्टैम्पिंग:*

लिनन की “कॉर्डर लाइफ” यानी उसकी उपयोगी अवधि को ट्रैक करने के लिए हर लिनन पर डेट स्टैम्पिंग की जाती है। लिनन की उपयोगी अवधि 9 से 12 महीने होती है, जो उसकी गुणवत्ता पर निर्भर करती है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि यात्रियों को उच्च गुणवत्ता का लिनन ही मिले।

*नए आरएसी पैसेंजर प्रावधान:*

हाल ही में आरएसी (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) पैसेंजर्स के लिए एक नया प्रावधान लागू किया गया है। पहले आरएसी के दोनों पैसेंजर को एक ही लिनन दिया जाता था, लेकिन अब दोनों को अलग-अलग लिनन दिए जाएंगे। यदि स्पेयर लिनन उपलब्ध है तो तत्काल उन्हें प्रदान किया जाएगा, अन्यथा अगले शिफ्ट में प्रदान किया जाएगा।

*ब्लैंकेट और लिनन पर स्टैम्पिंग और टैगिंग:*

श्री त्रिपाठी ने कहा कि ब्लैंकेट और लिनन पर स्टैम्पिंग होती है, जिस पर महीना और साल लिखा होता है, ताकि उसकी सफाई और उपयोग की स्थिति का ट्रैक रखा जा सके। इसके साथ ही, ब्लैंकेट पर कंपनी टैग (जैसे रेयमंड) भी होता है, जिस पर उसकी मैन्युफैक्चरिंग और रेलवे में सप्लाई का विवरण होता है।

रेलवे यात्रियों को स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाला लिनन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे उनकी यात्रा अधिक आरामदायक और संतोषजनक हो। यह व्यवस्था यात्रियों के हित में निरंतर सुधार की दिशा में कार्यरत है, और रेलवे की स्वच्छता और सुविधा से संबंधित सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

 

Anveshi India Bureau

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