पीएम मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज पहुंच रहे हैं। वह महाकुंभ का शुभारंभ करने के साथ ही हजारों करोड़ की सैकड़ों परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने अफसरों संग बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा की। साथ ही पूरे आयोजन का खाका खींचा। इसके अनुसार प्रधानमंत्री विशेष विमान से करीब 11 बजे बमरौली एयरपोर्ट पर उतरेंगे। वहां से हेलिकॉप्टर से अरैल आएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज में करीब तीन घंटे तक रहेंगे। इस दौरान वह गंगा पूजन कर महाकुंभ की शुरुआत करेंगे। साथ ही सात हजार करोड़ रुपये से अधिक की करीब 700 परियोजनाओं का लोकार्पण भी करेंगे। शनिवार को प्रयागराज आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ एवं प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की तथा जरूरी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अफसरों संग बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा की। साथ ही पूरे आयोजन का खाका खींचा। इसके अनुसार प्रधानमंत्री विशेष विमान से करीब 11 बजे बमरौली एयरपोर्ट पर उतरेंगे। वहां से हेलिकॉप्टर से अरैल आएंगे। अरैल से निषादराज क्रूज पर सवार हो किला घाट आएंगे। फिर संगम पहुंचकर गंगा पूजन करेंगे। प्रधानमंत्री इस मौके पर संतों संग वार्ता भी करेंगे।
प्रधानमंत्री अक्षयवट, पातालपुरी एवं हनुमान मंदिर में दर्शन पूजन करेंगे। साथ ही कॉरिडोर का लोकार्पण करेंगे। उनका भरद्वाज आश्रम जाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। हालांकि, इसके लिए अभी पीएमओ से स्वीकृति मिलनी बाकी है। इसके बाद प्रधानमंत्री संगम नोज पर तैयार हो रहे पंडाल में सभा को संबोधित करेंगे।
सात सौ निर्माण परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण
इससे पहले वह 7000 करोड़ रुपये की करीब 700 निर्माण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें से 3800 करोड़ रुपये की 400 से अधिक परियोजना महाकुंभ की हैं। इनके अलावा रेलवे, एनएचएआई समेत अन्य केंद्रीय विभागों की परियोजनाएं हैं। प्रधानमंत्री इस मौके पर वर्चुअल माध्यम से शृंग्वेरपुर में बने निषादराज पार्क समेत अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। साथ ही शृंग्वेरपुर में प्रस्तावित गंगा रिवर फ्रंट एवं संग्रहालय का शिलान्यास भी करेंगे।
27 नवंबर को प्रयागराज आए मुख्यमंत्री की ओर से पूर्व में 6500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण की घोषणा की गई थी। हालांकि, अब इनमें कई अन्य निर्माण भी शामिल हो गए हैं। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि लोकार्पण वाली परियोजनाओं की विभागवार सूची तैयार की जा रही। अभी इनकी संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के हाथों पांच करोड़ रुपये या इससे अधिक लागत वाली स्थायी निर्माण परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा।
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