कुंभ और माघ मेला के अलावा अन्य दिनों में भी संगम स्नान के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। कुंभ-2019 के बाद दूसरे जिलों और प्रदेश से आने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। महाकुंभ-2025 के बाद इसमें और इजाफा होने की उम्मीद है।
कुंभ और माघ मेला ही नहीं संगम पर हमेशा रौनक रहेगी। यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। साथ में सुरक्षा भी रहेगी। इसके लिए हमेशा एसडीएम तथा सीओ की तैनाती की रहेगी। कुंभ और माघ मेला के अलावा अन्य दिनों में भी संगम स्नान के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। कुंभ-2019 के बाद दूसरे जिलों और प्रदेश से आने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। महाकुंभ-2025 के बाद इसमें और इजाफा होने की उम्मीद है। इसे देखते हुए संगम को प्रमुख धार्मिक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है।
इसी क्रम में बड़े हनुमान मंदिर के अलावा अक्षयवट कॉरिडोर का निर्माण हो चुका है। संगम और किला घाट पर जेटी लगाई जा रही है। अब यह जेटी वर्ष पर्यंत रहेगी। इससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को स्नान के संगम से जल लेना भी आसान होगा। एक निश्चित दूरी पर तीर्थ पुरोहितों के लिए चौकी होगी। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद का कहना है कि चौकियों का निर्माण पुरोहितों की जरूरत तथा सुविधा को देखते हुए तैयार कराया जा रहा है। उनका कहना है कि महाकुंभ के बाद भी ये चौकियां यहीं रहेंगी।



