प्रयागराज। भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नई सोच और गहन दृष्टिकोण लेकर आने वाली फिल्म ‘यथार्थम’ की शूटिंग का शुभारंभ प्रयागराज में 20 दिसंबर को हुआ। यह फिल्म न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि यह समाज, विज्ञान और ज्योतिष से जुड़े गहरे सवालों को उठाती है। इस अवसर पर फिल्म की पूरी टीम ने शहरवासियों और मीडिया के साथ अपने अनुभव साझा किए।
भव्य शुरुआत: टीम का परिचय
फिल्म की पहली शूटिंग प्रयागराज के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल मुंशी राम की बगिया में हुई। इस अवसर पर फिल्म के निर्माता मनोज कुमार, निर्देशक संतोष कश्यप, और कैमरामैन विनोद शर्मा ने अपने दृष्टिकोण और फिल्म से जुड़ी जानकारी साझा की। साथ ही, मुख्य कलाकार कुमार नारायण और नईमा राज भी उपस्थित रहे।
फिल्म की टीम ने बताया कि इसके अन्य प्रमुख कलाकारों में देव शर्मा, ओंकार नाथ मानिकपुरी, वैष्णवी मैकडोनाल्ड, हिमांशु गोखानी, रवि पांडेय, सत्यजीत राय, और गौरी शंकर सिंह जैसे जाने-माने चेहरे शामिल हैं। ये सभी कलाकार अपने दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाते हैं और इस फिल्म में उन्होंने अपने किरदारों में गहराई से उतरने के लिए गहन तैयारी की है।
फिल्म की कहानी: ज्योतिष और विज्ञान का अनूठा संगम
फिल्म ‘यथार्थम’ की कहानी समाज के एक अनछुए पहलू को सामने लाती है, जिसमें ज्योतिष और विज्ञान के बीच के जटिल संबंधों को दिखाया गया है। फिल्म में दर्शाया गया है कि कैसे ज्योतिष के माध्यम से मनुष्य अपने भूत, वर्तमान और भविष्य को समझ सकता है।
कहानी का प्रमुख सार
ज्योतिष और भविष्यवाणी: कहानी इस सवाल को उठाती है कि क्या ज्योतिष के माध्यम से सचमुच जीवन के रहस्यों को समझा जा सकता है।
विज्ञान बनाम ज्योतिष: फिल्म में विज्ञान और ज्योतिष के बीच की बहस और उनके साक्ष्यों को दिखाया गया है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देगा।
सामाजिक मुद्दे: फिल्म में समाज के विभिन्न पहलुओं को भी उकेरा गया है, जैसे गरीबों पर अत्याचार, कानून का दुरुपयोग, और समाज में व्याप्त अन्याय।
संघर्ष और समाधान: फिल्म के पात्र इस सवाल का जवाब खोजते हैं कि क्या ज्योतिष और विज्ञान एक साथ समाज को बेहतर बना सकते हैं।
निर्देशक का दृष्टिकोण
फिल्म के निर्देशक संतोष कश्यप ने कहा, “यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है। यह एक दर्पण है, जो समाज के उन पहलुओं को दिखाती है, जिन पर आमतौर पर ध्यान नहीं दिया जाता। ‘यथार्थम’ का उद्देश्य लोगों को एक नई दृष्टि प्रदान करना है।”
शूटिंग और लोकेशन
फिल्म की शुरुआत प्रयागराज जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर से हुई है। प्रयागराज के स्थानीय कलाकारों ने भी फिल्म में अपनी अहम भूमिका निभाई है। फिल्म के अन्य प्रमुख हिस्से लखनऊ में फिल्माए जाएंगे, जहां आधुनिक और पारंपरिक स्थलों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
निर्माता मनोज कुमार ने बताया, “हमने प्रयागराज, और लखनऊ को इसलिए चुना क्योंकि इन शहरों की वास्तुकला, संस्कृति, और परंपरा फिल्म की कहानी को और प्रामाणिकता प्रदान करती है।”
समाज और सिनेमा का मेल
फिल्म ‘यथार्थम’ समाज में व्याप्त बुराइयों जैसे गरीबों पर हो रहे अत्याचार, व्यवस्था की खामियों, और अनछुओं मुद्दों को भी छूती है। फिल्म के पात्र अपने संघर्षों के माध्यम से यह संदेश देते हैं कि ज्योतिष और विज्ञान को एक साधन के रूप में इस्तेमाल करके समाज में बदलाव लाया जा सकता है।
दमदार टीम और उनका संदेश
फिल्म की पूरी टीम ने प्रयागराज के लोगों और स्थानीय कलाकारों के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। टीम का कहना है कि यह फिल्म न केवल एक कहानी है, बल्कि यह एक आंदोलन है, जो समाज को सोचने और अपने जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करेगा।
जल्द सिनेमाघरों में
फिल्म ‘यथार्थम’ को जल्द ही देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा। यह फिल्म अपने अनोखे विषय, दमदार अभिनय, और गहन कहानी के कारण दर्शकों के दिलों को छूने का वादा करती है।
Anveshi India Bureau



