प्रयागराज। संस्था “द थर्ड बेल रेपर्टरी” द्वारा 4 जनवरी को नाटक ” हैमलेट” का नाट्य मंचन उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र ,प्रयागराज के प्रेक्षागृह में मंचित किया गया । विलियम शेक्सपियर द्वारा लिखित ये नाटक पूरी दुनिया में मशहूर है ।
हैमलेट…. ये कहानी है डेनमार्क के राजघराने की.. ये अफ़साना है मोहब्बत का… अदावत का …और नफ़रत का …..लालच और धोखे से भरी ये कहानी…जब अपने अंजाम को पहुँचेगी… तो सब हैरान रह जाते हैं.. जिस राजगद्दी की लालच मे क्रूर शतरंजी चालेँ चली गयीँ, वो राजगद्दी आख़िरकार बदले के ख़ून से तर हो जाती है…
हैमलेट की कहानी का सारांश इस प्रकार है:
हैमलेट, डेनमार्क के राजा के बेटे, को उसके पिता की मौत के बाद उनके भाई क्लॉडियस द्वारा राज्य से वंचित किया जाता है। क्लॉडियस ने राजा की हत्या कर दी थी और राजा की पत्नी से शादी कर ली थी।
हैमलेट के पिता की आत्मा उसे दिखाई देती है और उसे बताती है कि उसकी हत्या क्लॉडियस ने की थी। हैमलेट ने बदला लेने का फैसला किया और अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए एक योजना बनाई।
कहानी में कई मोड़ और बदलाव आते हैं, जिनमें हैमलेट के दोस्तों और परिवार के सदस्यों की मौत शामिल है। अंत में, हैमलेट अपने पिता की हत्या का बदला लेता है, लेकिन इस प्रक्रिया में वह भी मारा जाता है।


यह शेक्सपियर की सबसे प्रसिद्ध और जटिल नाटकों में से एक है, जो मानव मनोविज्ञान, नैतिकता, और शक्ति के संघर्ष के बारे में गहराई से पड़ताल करता है।
नाटक का निर्देशन वरिष्ठ रंग निर्देशक आलोक नायर का रहा। नाटक की अवधि लगभग 2 घंटे की रही।
कलाकारों में हैमलेट का किरदार अभिषेक गिरी ने निभाया और क्लॉडियस का किरदार शुभेन्द्रू कुमार ने निभाया…नम्रता सिंह,यश मिश्रा, श्वेतांक मिश्रा कौस्तुभ पांडेय, अनुभव उपाध्याय, विनय त्रिपाठी, नीरज मिश्रा, श्वेता जायसवाल,जुली ब्रिज, आकृति वर्मा,निमिष गुप्ता,प्रियांशु शुक्ला आदि ने अपना किरदार बखूबी निभाया । संगीत का संचालन कोणार्क अरोरा ने किया तथा संगीत संयोजन आशीष नायर ने किया…सुजॉय घोषाल की प्रकाश परिकल्पना रही..रूप सज्जा हामिद अंसारी का रहा , मंच व्यवस्था अविनाश मिश्र एवं नम्रता सिंह की रही..वस्त्र विन्यास यश मिश्रा का रहा..प्रचार प्रसार आदित्य कश्यप और प्रणव मालवीय का रहा…कार्यक्रम की उदघोषिका के रूप में ऋतिका अवस्थी ने अपनी भूमिका कुशलता पूर्वक निभाई।

Anveshi India Bureau



