Monday, February 16, 2026
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उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री पवन श्रीवास्तव द्वारा प्रमुद घटिका का निर्माण 

उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री पवन श्रीवास्तव द्वारा प्रमुद घटिका का निर्माण

 

प्रयागराज – पवन श्रीवास्तव, डायरेक्टर शांति पैकर्स एंड मूवर्स ने एक अनोखी घड़ी “प्रमुद घटिका” का निर्माण किया है, जो प्राचीन भारतीय काल गणना को आधुनिक समय से जोड़ती है। यह घड़ी एक अहोरात्र यानि एक दिन के 24 घंटे में 60 घटी, 30 मुहूर्त और आठ पहर को दर्शाती है,इस घड़ी का उद्देश्य प्राचीन भारतीय काल गणना को आधुनिक समय के साथ जोड़ना और युवाओं और आम जनमानस को इसके बारे में जागरूक करना है। यह घड़ी न केवल समय को दर्शाती है, बल्कि यह प्राचीन भारतीय ज्ञान और संस्कृति को भी प्रदर्शित करती है। बी. एच.यू. के ज्योतिष विभागाध्यक्ष आचार्य डॉ. गिरिजा शंकर शास्त्री जी ने भी अपना आशीर्वाद देते हुए इस घड़ी को बहुत उपयोगी बताया । रोज़मर्रा के कुछ मुख्य कार्यों को शुभ मुहूर्त अथवा घड़ी में करने हेतु यह अति उपयोगी है । राज्य एवं वित्त सलाहकार राज्य सरकार उत्तर प्रदेश डॉ. पवन जायसवाल जी ने भी इस घड़ी की बहुत सराहना करते हुए इसे हर घर तक पहुंचने का उद्देश्य बताया ।

सिविल लाइंस उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीरज जायसवाल ने पवन जी श्रीवास्तव की सराहना करते हुए यह कहा एक बड़ी खोज है सनातन संस्कृति के लिए और इसे आगे बढ़ाने के लिए सभी व्यापारी पूरी तरह से एक जुट हैं और इसे घर घर जन जन तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प लिया।

सुविख्यात गायिका स्वाति निरखी एवं व्यापार मंडल महिला अध्यक्ष ने कहा कि संगीत के विद्यार्थियों के लिए भी यह घड़ी अत्यंत उपयोगी है । भारतीय शास्त्रीय संगीत में अलग अलग प्रहर के अनुसार अलग अलग रागों का गायन किया जाता है अतः उनका गायन समय इस घड़ी में साफ देखा जा सकता है । जैसे रात के पहले प्रहर में गाए जाने वाले राग हमीर, खमाज, यमन, बिलाबल, भूपाली आदि । रात के पहले प्रहर को प्रदोष काल भी कहा जाता है. यह शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक का समय होता है. इसी प्रकार अनेकानेक रागों का गायन समय इस घड़ी में देख सकते हैं । क्षेत्रीय पार्षद पंकज जयसवाल ने इसे सनातनी घड़ी का नाम दिया और यह कहा कि आने वाली पीढ़ी को प्राचीन परंपरा से जोड़ेगी ।

पवन जी श्रीवास्तव ने कहा, “हमें अपनी प्राचीन धरोहर को आधुनिक समय के साथ जोड़ने का प्रयास करना चाहिए। यह घड़ी एक छोटा सा प्रयास है इस दिशा में। हमें उम्मीद है कि यह घड़ी लोगों को प्राचीन भारतीय काल गणना के बारे में जानने और समझने में मदद करेगी।”

 

इस घड़ी को विभिन्न संबंधित विभागों और शैक्षिक संस्थानों में लगाने की अनुमति देने के लिए पवन जी श्रीवास्तव ने संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया है। यह घड़ी न केवल समय को दर्शाती है, बल्कि यह प्राचीन भारतीय ज्ञान और संस्कृति को भी प्रदर्शित करती है। कार्यक्रम में विधायक हर्षवर्धन बाजपेई व्यापारी नेता रमेश पार्षद सुरेंद्र यादव की उपस्थिति रही।

 

 

Anveshi India Bureau

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