प्रयागराज। जनपद प्रयागराज में भव्य कार्यक्रम इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) प्रयागराज चेष्टर ने आज अपने प्रोजेक्ट “द रिलीजियस एंड स्पिरिचुअल हेरिटेज ऑफ प्रयागराज” के अंग्रेजी संस्करण के विमोचन के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की। यह कार्यक्रम एल-चिको बेकरी एंड रेस्टोरेंट में आयोजित किया गया, जिसमें गणमान्य अतिथि, विद्वान, धरोहर प्रेमी और इंटैक के सदस्य उपस्थित रहे।इंटेक के इस प्रयास का उदेश्य प्रयागराज की व्यापक धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेज़ीकरण और प्रचार-प्रसार करना है। प्रयागराज, जो अपनी आध्यात्मिक महत्ता के लिए विश्व स्तर पर जाना जाता है, यह पुस्तक विशेष रूप से 144 वर्षों में एक बार होने वाले महाकुंभ 2025 के आयोजन के साथ और भी प्रासंगिक हो जाती है। महाकुंभ एक आध्यात्मिक महासंगम भी है, जिसमें लाखों तीर्थयात्री एकत्रित हो रहे हैं, अतः यह पुस्तक धार्मिक एवं आध्यात्मिक धरोहर को समझने और सराहने के लिए एक समयोचित संसाधन के रूप में कार्य करेगी।पुस्तक का अंग्रेजी संस्करण, जिसे कनाडा में वर्तमान में निवास कर रही इंटैक की सदस्य सुश्री उर्वशी भार्गव ने अनुवाद किया है, प्रयागराज की विरासत को अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का प्रयास है। इस आयोजन में उर्वशी की ओर से उनकी मां नंदिता भार्गव ने भाग लिया। इसका मूल हिंदी संस्करण, “प्रयागराज की धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत’,अनुपम परिहार, इंटेक प्रयागराज चैप्टर के सह-संयोजक द्वारा लिखा गया था और इसका विमोचन 6 मई 2023 को किया गया था। इसे व्यापक सराहना मिली थी।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय न्यायमूर्ति नीरज तिवारी, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने की और उन्होंने अंग्रेजी संस्करण का औपचारिक विमोचन किया। अपने संबोधन में न्यायाधीश तिवारी ने भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार के लिए इंटैक के समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से महाकुंभ 2025 के संदर्भ में प्रयागराज को एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उजागर करने के महत्व पर जोर दिया, जो शहर की समृद्ध परंपराओं और ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम में श्री नरेश रॉय और प्रोफेसर संजय सक्सेना तथा इंटैक प्रयागराज चैप्टर के अन्य सदस्यों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह पुस्तक प्रयागराज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का व्यापक अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें शहर के ऐतिहासिक विकास, परंपराओं और धार्मिक स्थलों के महत्व को रेखांकित किया गया है। यह इंटेक की भारत की विरासत को संरक्षित करने और आगामी पीढ़ियों को प्रयागराज की विस्तृत सांस्कृतिक विरासत के बारे में शिक्षित करने की अगली कड़ी है।
इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व शंभु चोपड़ा, इंटैक प्रयागराज चैप्टर के संयोजक ने किया। प्रयागराज चैप्टर ने इस परियोजना के लिए इंटैक इंडिया के अध्यक्ष मेजर जनरल एल. के. गुप्ता (सेवानिवृत्त) के बहुमूल्य मार्गदर्शन, समर्थन और आशीर्वाद के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। जनरल गुप्ता ने प्रयागराज चैप्टर की धरोहर संरक्षण और दस्तावेजीकरण में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशंसा की।
कार्यक्रम का समापन वैभव मैनी, सचिव, इंटेक प्रयागराज चैप्टर के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें इंटैक के सदस्यों, लेखकों, अनुवादकों और अतिथियों के योगदान को सराहा गया, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट और इसके विमोचन को एक बड़ी सफलता बनाया। हिंदी और अंग्रेजी संस्करण दोनों विद्वानों, भक्तों और पर्यटकों के लिए एक अनिवार्य संसाधन के रूप में कार्य करने की उम्मीद है. और यह प्रयागराज को एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में और मजबूत करेगा।
Anveshi India Bureau



