Wednesday, February 18, 2026
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UP: कोतवाली में तैनात दरोगा ने की खुदकुशी, एक दिन पहले बच्चों को ईद के कपड़े दिलाकर लौटे थे नायाब खान

रामपुर के स्वार कोतवाली परिसर में दरोगा का शव फंदे पर लटका मिला है। दरोगा नायाब खान के भाई अरबाज ने बताया कि नायाब मंगलवार को बरेली गए थे। उन्होंने बच्चों को ईद के लिए बाजार से कपड़े दिलवाए थे।

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की स्वार कोतवाली में आवास के अंदर दरोगा नायाब खान (50) का शव फंदे से लटका मिला। वह फर्रुखाबाद जिले के थाना कंपिल कस्बा के मूल निवासी थे। वर्तमान में उनका परिवार बरेली रहता है। वह लगभग दो साल से स्वार कोतवाली में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे।

पुलिस ने बताया कि बुधवार को वह एक केस के सिलसिले कोर्ट गए थे। वहां से आने के बाद वह अपने कोतवाली परिसर में स्थित रूम पर चले गए। सब कुछ सामान्य था कि दोपहर के समय कोतवाल के सीयूजी नंबर पर उनके किसी परिजन की कॉल आई।

कॉलर ने कहा की नायाब खान का नंबर स्विच ऑफ आ रहा है उनसे बात करनी है। नायाब खान से बात कराने के लिए जब एक पुलिस कर्मी उनके रूम पर गया तो कमरा अंदर से बंद था और आवाज देने से भी कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांक कर देखा तो वह पंखे से बंधे फंदे पर लटके हुए हुए थे।

सूचना मिलने पर एसपी विद्या सागर मिश्र और एएसपी अतुल कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों के आने के बाद उनका शव फंदे से उतारा गया।

सीओ अतुल कुमार पांडेय का कहना है कि नायाब खान के परिजनों ने मृत्यु का कारण जानने के लिए तहरीर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ होगी। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

बच्चों को ईद के कपड़े दिलाकर लौटे थे नायाब
रामपुर कोतवाली परिसर में फंदा लगाकर जान देने वाले दरोगा नायाब खान के भाई अरबाज ने बताया कि नायाब मंगलवार को बरेली गए थे। उन्होंने बच्चों को ईद के लिए बाजार से कपड़े दिलवाए थे। सब कुछ सही था, उनके आत्मघाती कदम से बच्चों की ईद की खुशियां ही काफूर हो गईं।

सूचना मिलते ही बरेली में रहने वाले परिवार में मातम पसर गया था। पत्नी शिम्मी खान अपने बेटे मो. हसन रजा खान (10) और बेटी अलेना खान (7) के साथ कोतवाली पहुंची थीं, जहां शव देखकर तीनों बिलखने लगे। इन्हें बिलखता देख थाने में अन्य पुलिसकर्मियों की भी आंखें भर आईं। अन्य परिजन उन्हें दिलासा देते रहे।

रोजे से थे नायाब खान
सब इंस्पेक्टर नायाब खान की लगभग दो साल से स्वार कोतवाली में तैनाती थी। मृतक के साढ़ू ताज खान ने बताया कि नायाब खान काफी गंभीर इंसान थे और रोजा-नमाज के भी पाबंद थे। बुधवार को चौथे रोजे की सहरी खाकर रोजा रखा था।

इसके बाद वह ड्यूटी करने स्वार कोतवाली के लिए रवाना हुए थे। कुछ घंटे ही बीते थे कि उनकी मौत की सूचना आ गई। पत्नी शम्मी खान रोते-रोते बार-बार कहती रही कि ऐसा क्या हो गया था?
Courtsy amarujala.
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