Thursday, February 19, 2026
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HomePrayagrajअनुदान मिलने से शिक्षा और अनुसंधान में आएगी उत्कृष्टता-— प्रोफेसर सत्यकाम

अनुदान मिलने से शिक्षा और अनुसंधान में आएगी उत्कृष्टता-— प्रोफेसर सत्यकाम

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज को प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) 12 (बी) का दर्जा दिया गया है, जो विश्वविद्यालय के शिक्षा और अनुसंधान के उच्च मानकों को मान्यता देता है। यूजीसी 12 बी दर्जा प्राप्त होने से विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र यूजीसी, भारत सरकार या केंद्र सरकार से विभिन्न शोध और शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए धन प्राप्त करने वाले किसी भी संगठन से अनुदान प्राप्त करने के पात्र हो जाते हैं। इससे शोध पहलों और बुनियादी ढांचे के विकास को काफी बढ़ावा मिलेगा। यूजीसी 12 बी का दर्जा मिलना विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है, जिन्होंने शिक्षा और अनुसंधान के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए अथक परिश्रम किया है। देश के जाने माने शिक्षाविद एवं दूरस्थ शिक्षा के विशेषज्ञ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि यूजीसी 12(बी) का दर्जा प्राप्त करना उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है और यह आने वाले वर्षों में शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करता रहेगा।

उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों को शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी प्रतिबद्धता, समर्पण और महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई दी है, जिसके कारण यूजीसी से 12बी का दर्जा प्राप्त करना संभव हो सका।
मुक्त विश्वविद्यालय को यू0जी0सी0 की धारा 12 बी में शामिल कर लिया गया है। इस आशय का एक पत्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी किया गया। पत्र में संयुक्त सचिव द्वारा वर्णित किया गया कि मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव का संज्ञान लेते हुए एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया गया जिसके द्वारा मुक्त विश्वविद्यालय का 07–08 अक्टूबर 2024 को आभासी निरीक्षण एवं दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर यूजीसी ने 26 मार्च 2025 को 12 बी की मान्यता का पत्र जारी किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 सत्यकाम ने बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय यू0जी0सी0 की धारा 12 बी का दर्जा प्राप्त करने वाला प्रदेश का पहला मुक्त विश्वविद्यालय बन गया है। उल्लेखनीय है कि धारा 12 बी का दर्जा प्राप्त करने के उपरान्त विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, शोध कार्यों, गोष्ठियों, संगौष्ठियों, कार्यशालाओं हेतु वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेगा। प्रो0 सत्यकाम ने कहा कि 12 बी का दर्जा हासिल करने से शोध की दिशा में अग्रसर मुक्त विश्वविद्यालय के शोध कार्यों को गति मिलेगी। सरकार द्वारा घोषित उद्यमिता, कौशल विकास व स्टार्टअप से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं को सरकार द्वारा वित्त पोषण किया जा सकेगा एवं शिक्षकों व अनुवेषकों के पदोन्नति को नई दिशा एवं गति मिलेगी।

 

 

 

Anveshi India Bureau

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