मौनी अमावस्या के मौके पर संगम नोज पर हुए हादसे के मामले में न्यायिक आयोग की जांच लगभग पूरी हो गई है। सरकार ने हादसे की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया है। आयोग को 31 मार्च तक रिपोर्ट पेश करनी है।
महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुए हादसे की जांच में अभी समय लग सकता है। वैसे आयोग के समक्ष 30 पुलिसकर्मियों सहित 75 लोगों ने बयान दर्ज कराया है। मेला प्रशासन जहां शुरूआत में एक घटना का बार – बार जिक्र कर रहा था, जांच शुरू होने के बाद अलग- अलग दो घटनाओं में 37 लोगों के मौत की बात स्वीकार कर चुका है। सूत्रों की मानें तो जांच पुरी होने में एक पखवारे से अधिक का अभी समय लग सकता हैं।
मेला प्रशासन एवं पुलिस के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन 29 जनवरी की भोर में करीब डेढ़ से पौने दो बजे के बीच एकाएक पीछे से भीड़ का रेला आया जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग गिर कर दब गए, जिसमें नब्बे लोग घायल हो गए। इसमें 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई। मामले की जांच के लिए प्रदेश सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित किया। जिसमें में रिटायर्ड आईएएस दिनेश कुमार सिंह, सेवानिवृत्त आईपीएस वीके गुप्ता को शामिल किया गया।



