साहब! एक नहीं., दो गोली चलने की आवाज सुनी है… तेज आवाज से खिड़की के शीशे भी टूट गए। मैं ठीक से चल नहीं पाती हूं, लेकिन तेज आवाज सुनकर कमरे की तरफ भागी। देखा कि इंस्पेक्टर साहब अपने बेड पर खून से लथपथ हैं। चारों तरफ खून ही खून फैला है।
साहब! एक नहीं., दो गोली चलने की आवाज सुनी है… तेज आवाज से खिड़की के शीशे भी टूट गए। मैं ठीक से चल नहीं पाती हूं, लेकिन तेज आवाज सुनकर कमरे की तरफ भागी। देखा कि इंस्पेक्टर साहब अपने बेड पर खून से लथपथ हैं। चारों तरफ खून ही खून फैला है। प्रत्यक्षदर्शी नूरी ने यह बात पुलिस को बताई। घटनास्थल से पुलिस को एक ही खोल बरामद हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शी के बयान के बाद पुलिस की एक टीम अच्छे से पूरे कमरे की तलाशी ली। पाया कि एक गोली मिस हो गई है। जबकि दूसरी गोली गले के नीचे से चीरती हुई सिर के ऊपरी हिस्से से आरपार हो गई। इसके बाद गोली कमरे में लगे पंखे के पास छत पर जा लगी। जिससे उतनी दूर का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इलाके के लोगों ने बताया कि पिछले कई साल से इंस्पेक्टर तरुण का यहां आना जाना रहता था।
आखिर व्हाट्सएप पर किसको भेज रहे थे रिकॉर्डिंग
पुलिस ने पाया कि तरुण के दोनों पैर बेड के नीचे थे। पास में ही लाइसेंसी राइफल पड़ी थी। जबकि एक हाथ में उनका मोबाइल था। जिसमें दिख रहा था कि वह किसी को वाइस रिकॉर्डिंग करने जा रहे थे। लेकिन, वह किसको चैटिंग और वाइस रिकॉर्डिंग भेज रहे थे। यह पता नहीं चल पाया है। मामले में पुलिस भी कुछ बताने को तैयार नहीं है।
चेहरा पहचानना हुआ मुश्किल
इंस्पेक्टर तरुण का चेहरा पहचानना मुश्किल हो रहा था। क्योंकि, गले में गोली लगने के बाद सिर से पार हो गई थी। इससे उनकी आंखे तक बाहर आ गई थी। एसीपी कर्नलगंज राजीव यादव ने बताया कि हर पहलुओं पर जांच की जा रही है।
मोबाइल से खुलेगा आत्महत्या का राज
पुलिस ने मृतक के मोबाइल को कब्जे में ले लिया है। पुलिस की एक टीम पता लगाने में जुटी हुई है कि आखिर किन कारणों से तरुण ने खुद को गाेली मारी है। बताया गया कि पत्नी और बेटा बंगलूरू से प्रयागराज के लिए देर-रात को रवाना हो गए हैं। सोमवार को परिवार प्रयागराज पहुंचेगा।
Courtsy amarujala



