हाईकोर्ट इलाहाबाद में एक अजीबोगरीब मुकदमे की सुनवाई हुई। एक मामले में डीएम की ओर से जिसे 2024 में गवाह बताया गया उसकी मृत्यु 2011 में ही हो चुकी थी। याची की ओर से आपत्ति करने और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने पर हैरान हाईकोर्ट ने डीएम फतेहपुर से पूछा कि जिसकी मृत्यु 10 साल पहले हो गई थी वह 2024 में निरीक्षण के दौरान कैसे मौके पर मौजूद था। इस मामले में कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में डीएम फतेहपुर ने मृतक को सरकारी जमीन के निरीक्षण का गवाह बता हलफनामा दाखिल किया है। इससे हैरान कोर्ट ने डीएम से सात मई तक स्पष्टीकरण तलब किया है। पूछा है कि मौका मुआयना के दौरान मृतक कैसे मौजूद था? मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की अदालत कर रही है।
Courtsy amarujala



