हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से शनिवार को अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। उत्तर मध्य सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज में होने वाले सम्मेलन में न्यायिक प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता विषय पर चर्चा की गई। सम्मेलन दो सत्रों में आयोजित किया गया। इसमें देश के कई उच्च न्यायालय के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में यूपी बार काउंसिल के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी ने जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के बाहर मिले नोट का मुद्दा उठाया।
कहा कि इस मामले में वकील भी बंट गए हैं। तमाम वकील सरकारी हो गए हैं, कुछ भाजपाई हो गए और जो बचे वह जातिवाद में बंट गए। यूपी बार काउंसिल के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि आज न्यायपालिका की स्थित यह है कि या तो अपना भला कर लीजिए या समाज का भला कर लीजिए। कहा कि उपराष्ट्रपति जस्टिस वर्मा के यहां नोट मिलने के मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग तो करते हैं कि ज्यूडिशियल प्रोटेक्शन एक्ट में अमेंड की बात नहीं करते हैं। कहा कि जस्टिस वर्मा के मुद्दे पर वकीलों में भी बंटवारा हो गया। कोई राजनीतिक सोच में बंट गया तो कोई जातिवाद में बंट गया। जो बचे वह सरकारी वकील और जज बनने के चक्कर में सामने नहीं आए।