Tuesday, February 17, 2026
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HomePrayagrajइंटैक प्रयागराज की बैठक संपन्न, महाकुंभ और धरोहर संरक्षण पर हुआ विचार-विमर्श

इंटैक प्रयागराज की बैठक संपन्न, महाकुंभ और धरोहर संरक्षण पर हुआ विचार-विमर्श

प्रयागराज।भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक धरोहर न्यास (इंटैक) प्रयागराज चैप्टर की एक बैठक आज सिविल लाइन्स के स्थानीय होटल में संपन्न हुई। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. रितु जायसवाल ने “महाकुंभ और विभिन्न आयाम” विषय पर अपने सारगर्भित व्याख्यान में कुंभ मेले के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि प्रयागराज का महाकुंभ केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि भारतीय सभ्यता की अद्भुत निरंतरता और सांस्कृतिक चेतना का दर्पण है। उन्होंने महाकुंभ की ऐतिहासिकता को प्राचीन वैदिक साहित्य, पुराणों और महाकाव्यों से लेकर ह्वेनसांग जैसे विदेशी यात्रियों के विवरणों तथा सम्राट हर्षवर्धन द्वारा संगम तट पर आयोजित विशाल सभाओं तक विश्लेषित किया।

उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रयागराज में संगम के तट पर आयोजित महाकुंभ युगों से संन्यासियों, तीर्थयात्रियों, आचार्यों और राजाओं के वैचारिक और धार्मिक विमर्श का केंद्र रहा है। द्वादश माधव की प्रतिष्ठा, जो प्रयागराज की धार्मिक पहचान को अद्वितीय बनाती है, महाकुंभ की धार्मिक गरिमा को और गहराई प्रदान करती है।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि महाकुंभ में शैव, वैष्णव, शाक्त, बौद्ध और जैन परंपराओं के प्रतिनिधियों का एक साथ समागम होता रहा है, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता और सहिष्णुता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि महाकुंभ केवल आध्यात्मिक शुद्धि का अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, दान, सेवा, और लोक-संवाद का महापर्व भी है।

बैठक में सदस्य पूजा गुप्ता ने सुझाव दिया कि प्रयागराज के बौद्धिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में भी इंटैक को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उनके प्रस्ताव का संयोजक शंभू चोपड़ा और सह-संयोजक अनुपम परिहार ने समर्थन करते हुए इसे केंद्रीय कार्यालय के समक्ष प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया।

अपने वक्तव्य में कन्वीनर शंभू चोपड़ा ने कहा कि इंटैक प्रयागराज शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध है और संगठन के विस्तार के लिए सदस्यों से सक्रियता का आग्रह किया। धन्यवाद ज्ञापन सह-संयोजक अनुपम परिहार ने किया।

बैठक में प्रोफेसर संतोष सक्सेना, डॉ. शुभ्रा मिश्रा, गरिमा जायसवाल, अनुपम कुमार, ऋषि कुमार, एन. डी. जायसवाल, सुधांशु अग्रवाल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

 

 

Anveshi India Bureau

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