इस्लाम में बहुविवाह आदि काल में समय की मांग थी। कबिलाई टकराव के वक्त महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के लिए शुरू हुई यह प्रथा अब मुस्लिम महिलाओं के लिए जी का जंजाल बन गई है। पुरुष इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। लिहाजा मौजूदा हालात में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किया जाना जरूरी हो गया है। विधयिका को इस दिशा में विचार करना चाहिए।
इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की अदालत ने द्विविवाह के आरोपी मुरादाबाद निवासी फुरकान की याचिका को विचारणीय माना है। हालांकि, कोर्ट ने याची के खिलाफ शुरू हुई आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाते हुए सरकार व याची की पत्नी को नोटिस जारी कर जबाव-तलब किया है। साथ ही कहा कि मौजूदा कानून के मुताबिक मुस्लिम पुरुष को बहु- विवाह की इजाजत है।



