सिर पर बाल लाने की चाहत में कई लोग हेयर ट्रांसप्लांट कराने के दौरान सावधानी नहीं बरतते हैं। जिस वजह से उन्हें कई तरह की दिक्कतें होती हैं। हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान जरा सी चूक जान पर भारी पड़ रही है।
सिर पर बाल लाने की चाहत में कई लोग हेयर ट्रांसप्लांट कराने के दौरान सावधानी नहीं बरतते हैं। जिस वजह से उन्हें कई तरह की दिक्कतें होती हैं। हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान जरा सी चूक जान पर भारी पड़ रही है। कुछ ऐसा ही मामला कानपुर में देखने को मिला है। जहां पर हेयर ट्रांसप्लांट कराने के बाद दो लोगों की मौत हो गई। इसलिए हेयर ट्रांसप्लांट चर्म रोग विशेषज्ञ और प्लास्टिक सर्जन से ही कराएं।
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमित शेखर ने कहा, हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान एनेस्थेटिस्ट का होना जरूरी है। हेयर ट्रांसप्लांट के वक्त मरीज के सिर पर एनेस्थीसिया की हाई डोज दी जाती है। इस दौरान मल्टी पैरामीटर का होना जरूरी है। जो ट्रांसप्लांट के दौरान मरीज के बीपी, पल्स व ऑक्सीजन लेवल की जानकारी देता रहे। वहीं, ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
विशेषज्ञ ट्रांसप्लांट करने से पहले मरीज के बीपी व शुगर की जांच करें। यह भी जाने कि मरीज को हेपिटाइटिस बी और सी, एचआईवी, ह्रदय रोग संबंधित बीमारी तो नहीं है। ट्रांसप्लांट से एक सप्ताह पहले से खून पतले होने की दवा खाना छोड़ दें।
इसके अलावा व्यक्ति अगर सिगरेट पीता है तो उसे हेयर ट्रांसप्लांट नहीं करना चाहिए। 28 साल के बाद ही ट्रांसप्लांट कराना अच्छा माना जाता है। इन बातों की अनदेखी करने पर सिर पर फोड़ा होने, चेहरे पर सूजन और सिर की चमड़ी में सड़न आने की संभावना रहती है।
वर्तमान में हेयर ट्रांसप्लांट जरूरत के साथ फैशन भी हो गया है। रोजाना मरीज ट्रांसप्लांट कराने आते हैं। ऐसे में हमें चाहिए कि ट्रांसप्लांट कराने से पहले बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेषज्ञ ध्यान दें। – डॉ. अमित शेखर, विभागाध्यक्ष, चर्म रोग, एमएलएन मेडिकल कॉलेज
Courtsy amarujala



