Saturday, April 4, 2026
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UP : संदिग्ध उत्तर पुस्तिकाओं की फॉरेंसिक जांच कराएगा यूपी बोर्ड, त्रुटि मिलने पर होगी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की संदिग्ध उत्तरपुस्तिकाओं की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। मूल्यांकन के दौरान कुछ गड़बड़ी की शिकायत मिली है। जांच में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यूपी बोर्ड स्क्रूटनी के दौरान संदिग्ध पाई जाने वालीं उत्तर पुस्तिकाओं की फॉरेंसिक जांच कराएगा। साथ ही जिन उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में त्रुटि मिलती है, उन उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने वाले परीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिवों से इस बारे में रिपोर्ट तलब की है।

स्क्रूटनी का परिणाम 15 जुलाई तक जारी किया जाना है। सचिव ने कहा कि मुख्यालय में अनुमोदन के लिए प्राप्त कराई जाने वाली सन्निरिक्षित उत्तर पुस्तिकाओं में पूर्व में दिए गए अंकों में ओवर राइटिंग, स्याही में भिन्नता की स्थिति या अमूल्यांकित प्रश्नोत्तर की आख्या अंकित करते हुए यदि अंकों में वृद्धि बताई जाती है तो विषय विशेषज्ञों से गहन जांच कराई जाएगी और प्रकरण संदिग्ध होने की स्थिति में उसकी फोरेंसिक जांच भी होगी।

इसमें दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने प्रयागराज, मेरठ, बरेली वाराणसी व गोरखपुर के अपर सचिवों को यूपी बोर्ड की वर्ष 2025 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी से संबंधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन उत्तर पुस्तिकाओं में त्रुटि जैसे अमूल्यांकित प्रश्न, अग्रसारण त्रुटि, योग त्रुटि आदि पाई जाती है, उन उत्तर पुस्तिकाओं के परीक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित परीक्षकों की सूची मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए। 

सचिव ने निर्देश दिए हैं कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के लिए अलग-अलग उप सचिव, सहायक सचिव और प्रशासनिक अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम का गठन किया जाए। स्क्रूटनी के लिए निर्धारित अंतिम तिथि तक प्राप्त आवेदनों के सापेक्ष उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या टीम के प्रत्येक सदस्य के लिए निर्धारित की जाए। स्क्रूटनी त्रुटिरहित व शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया जाए।

सचिव ने स्पष्ट कहा है कि स्क्रूटनी संबंधी कार्य सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हो। इसकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी। जिन कक्षों में स्क्रूटनी का कार्य होगा, वहां संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के अतिरिक्त अन्य किसी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित होगा।

पुनर्मूल्यांकन नहीं है स्क्रूटनी

सचिव ने स्पष्ट किया है कि स्क्रूटनी का तात्पर्य उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन नहीं है। सन्निरीक्षा कार्य में परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में यह देखा जाएगा कि अलग-अलग प्रश्नों में दिए गए अंकों का योग करने, उन्हें फॉरवर्ड करने या किसी प्रश्न अथवा उसके भाग पर अंक देने से छूट जाने की कोई त्रुटि तो नहीं हुई है।

विसंगति मिली तो विषय विशेषज्ञ करेंगे जांच

जिन उत्तर पुस्तिकाओं में विसंगति मिलती है, उनके निराकरण के लिए जनपद मुख्यालय के राजकीय विद्यालयों या अन्य प्रतिष्ठित विद्यालयों से अर्ह परीक्षकों/विषय विशेषज्ञों को सन्निरीक्षक नियुक्त कर सन्निरीक्षा कार्य कराया जाएगा। वहीं, जिन उत्तर पुस्तिकाओं में अंकों की वृद्धि होगी, उन उत्तर पुस्तिकाओं का क्षेत्रीय सचिव द्वारा भी अवलोकन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं को विषयवार/अनुक्रमांकवार सील बंद लिफाफे में निर्धारित प्रारूप में विवरण अंकित कर 15 जून तक यूपी बोर्ड के सचिव को भेजकर अंतिम रूप से अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा और इसके बाद ही गणक पंजिका में संशोधन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

‘नो चेंज’ श्रेणी में रखने से पहले गणक पंजिका से करें मिलान

सचिव ने कहा कि विगत वर्षों में कुछ मामलों में न्यायालय के समक्ष उत्तर पुस्तिका प्रस्तुत करने से पूर्व उसकी विधिवत जांच नहीं की गई, जिससे न्यायालय के समक्ष विषम स्थिति उत्पन्न हुई। इसलिए अपरिवर्तित मामलों में ‘नो चेंज’ पत्र प्रेषित करने से पहले गणक पंजिका से मिलान कर लिया जाए। उच्च न्यायालय में योजित याचिका से संबंधित प्रकरणों में यदि उत्तर पुस्तिका में कोई विसंगति पाई जाती है तो विषय विशेषज्ञ की आख्या के साथ सचिव से अनुमोदन के बाद ही उत्तर पुस्तिका उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए।

Courtsy amarujala
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