उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की संदिग्ध उत्तरपुस्तिकाओं की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। मूल्यांकन के दौरान कुछ गड़बड़ी की शिकायत मिली है। जांच में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यूपी बोर्ड स्क्रूटनी के दौरान संदिग्ध पाई जाने वालीं उत्तर पुस्तिकाओं की फॉरेंसिक जांच कराएगा। साथ ही जिन उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में त्रुटि मिलती है, उन उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने वाले परीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिवों से इस बारे में रिपोर्ट तलब की है।
स्क्रूटनी का परिणाम 15 जुलाई तक जारी किया जाना है। सचिव ने कहा कि मुख्यालय में अनुमोदन के लिए प्राप्त कराई जाने वाली सन्निरिक्षित उत्तर पुस्तिकाओं में पूर्व में दिए गए अंकों में ओवर राइटिंग, स्याही में भिन्नता की स्थिति या अमूल्यांकित प्रश्नोत्तर की आख्या अंकित करते हुए यदि अंकों में वृद्धि बताई जाती है तो विषय विशेषज्ञों से गहन जांच कराई जाएगी और प्रकरण संदिग्ध होने की स्थिति में उसकी फोरेंसिक जांच भी होगी।



