प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण के नाम पर कचहरी के सामने चैंबर हटाने के विरोध में बुधवार को वकीलों ने कचहरी के सामने चक्काजाम कर दिया है। सड़क पर टिनशेड और टूटे फर्नीचर सड़क पर रखकर आवागमन रोक दिया है। आगजनी भी की गई है। मौके पर भारी संख्या में फोर्स तैनात है।
नगर निगम ने बुधवार भोर में कलक्ट्रेट के सामने सड़क की पटरी पर बने चैंबर और अन्य निर्माण हटा दिए। सड़क की दोनों पटरी के अलावा पारिवारिक न्यायालय के सामने और विकास भवन के आसपास के क्षेत्रों में भी कार्रवाई की गई। वहीं, इसके विरोध में अधिवक्ताओं ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट के सामने रोड पटरी पर लाइन से चैंबर बने थे। इसके अलावा सामने वाली पटरी पर भी कई निर्माण कराए गए थे। यह स्थिति कोषागार से लक्ष्मी टॉकीज चौराहे तक रही। निगम के जोन-तीन कार्यालय की ओर से तीन जून को इन निर्माण को हटाने का नोटिस दिया गया था।
नोटिस चैंबर पर चस्पा भी किए गए थे। निर्माण और सामान हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। बुधवार सुबह जेसीबी, बुलडोजर और कई वाहनों के साथ पहुंची निगम के प्रवर्तन दल की टीम ने सभी तरह के निर्माण हटाने शुरू कर दिए। सुबह कुछ लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन पुलिस की वजह से विरोध तेज नहीं हो पाया। कलक्ट्रेट के सामने दूसरी पटरी, विकास भवन के आसपास समेत कई अन्य स्थानों पर भी निर्माण हटाए गए।
विरोध की आशंका को देखते हुए पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहा। कार्रवाई के बाद कुछ मलबा तो हटाया गया, लेकिन विरोध को देखते हुए टीम लौट गई। इसकी वजह से काफी मलबा वहीं पड़ा रहा। टीन शेड और रेलिंग सड़क पर बिखड़ी थी। ऐसे में कलक्ट्रेट के सामने से आवागमन भी ठप रहा। कार्रवाई के दौरान अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव, अरविंद राय, अनुपम शुक्ला मौजूद रहे।




