व्हाट्सएप चैटिंग और गूगल मैप ने ममता की गवाही दी है। आईआरएस पति के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची प्रवक्ता पत्नी ने बेटी की हिरासत मांगी। कोर्ट ने तीन साल पहले पिता संग गई बेटी को मां के हवाले करने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में व्हाट्सएप चैटिंग व गूगल मैप के सुबूतों ने मां की ममता की गवाही दी। कोर्ट ने कहा कि बेटियां चाची, दादी, नानी व पापा की लाडली हो सकती हैं, लेकिन उनकी तुलना मां से नहीं की जा सकती। युवावस्था की दहलीज पर खड़ी बेटी के लिए मां का साथ जरूरी है। क्योंकि, मां जैसा हितैषी दुनिया में कोई नहीं हो सकता।
इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की अदालत ने तीन साल पहले पिता संग गई बेटी को मां के हवाले करने का आदेश दिया है। साथ ही पिता को निर्देशित किया है कि तीन हफ्ते में दिल्ली में रह रही मां को बेटी सौंप दी जानी चाहिए।



