Saturday, January 24, 2026
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डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन सत्ता नहीं , सिद्धांतों के लिए था – संगम लाल गुप्ता

प्रयागराज। जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस( पुण्य तिथि) पर सिविल लाइन स्थित भाजपा कार्यालय में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आयोजित संगोष्ठी में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित प्रतापगढ़ के पूर्व भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने ‘एक विधान, एक निशान, एक प्रधान’ का अटल संकल्प दिया। कश्मीर के भारत में पूर्ण विलय के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा। डॉ. मुखर्जी का राष्ट्रहित में दिया गया सर्वोच्च बलिदान और उनका अटूट संकल्प, सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। एक देश में ‘दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ यह केवल उद्घोष नहीं था, बल्कि राष्ट्र की एकता के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का अडिग संकल्प था। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 इतिहास बन चुका है, यह केवल संवैधानिक सुधार नहीं, बल्कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को एक सच्ची श्रद्धांजलि है। डॉ. मुखर्जी का जीवन सत्ता नहीं, सिद्धांतों के लिए था। उनके विचार आज भी राष्ट्रवाद की सबसे शुद्धतम अभिव्यक्ति है। वे मां भारती के सच्चे सेवक थे। उन्होंने देश की अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए अतुलनीय साहस और पुरुषार्थ का परिचय दिया। राष्ट्र निर्माण में उनका अमूल्य योगदान हमेशा श्रद्धापूर्वक याद किया जाएगा। संगम लाल गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने सत्ता के लिए कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। कांग्रेस पास देश के विकास के लिए न तो नियति थी और न नीति। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया है। अन्य राजनीतिक दलों की कथनी करनी में अंतर है लेकिन भाजपा जो कहती है वो करती है।

 

 

काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि डॉ मुखर्जी एक संपन्न परिवार से थे लेकिन उन्होंने विलासिता का जीवन छोड़कर देशभक्ति के जज्बे को लेकर भारत मां के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी उस दौर में राजनीति में आए जब भारत में राजनीतिक संक्रमण था। उस समय उन्होंने निर्भीकता मुखरता से कांग्रेस की नीतियों का विरोध किया। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान ने सोए हुए देश को जगाने का काम किया। गर्व होता है कि हम त्याग व तपस्या के बल खड़े राजनीतिक दल के कार्यकर्ता हैं। हम संकल्प लें कि भाजपा कार्यकर्ता के रूप में हम डॉ मुखर्जी के बलिदान को याद रखें और उनके दिखाए मार्ग पर चलें। निर्वतमान अध्यक्ष राजेंद्र मिश्र ने कहा कि डॉ मुखर्जी ने पहली बार कश्मीर को धारा 370 से मुक्त कराने का नारा दिया। अनामिका चौधरी ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। नीरज त्रिपाठी ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की सोच भारत को आर्थिक सामाजिक क्षेत्र में समृद्ध आत्मनिर्भर बनाने की थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा प्रयागराज महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय राजनीति के वो प्रकाश पुंज हैं जिनकी आभा से राजनीतिक क्षितिज युगों तक दैदीप्यमान होता रहेगा। भाजपा कार्यकर्ता डॉ मुखर्जी के त्याग बलिदान को याद रखते हुए निरंतर राष्ट्र व की प्रगति में अग्रसर हैं। आभार ज्ञापन महानगर महामंत्री कुंज बिहारी मिश्रा ने दिया।

कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक महानगर मंत्री संजय श्रीवास्तव ने किया। रणजीत सिंह, शशि वार्ष्णेय, प्रमोद मोदी, विवेक अग्रवाल, वरुण केसरवानी, अश्वनी पटेल, सचिन जायसवाल, विजय पटेल, विजय श्रीवास्तव, किरन जायसवाल, मनोज श्रीवास्तव, राजेश केसरवानी, विवेक मिश्रा, राकेश भारती, राजू पाठक, राजन शुक्ला, सुजीत कुशवाहा, अरुण पटेल आदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

Anveshi India Bureau

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