किशोरी को केरल ले जाकर जबरन धर्मांतरण कराने और फिर जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाने के मामले में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने भी जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों दरकशा बानो और कैफ से एटीएस अफसरों ने मंगलवार को फूलपुर थाने में तीन घंटे तक गहन पूछताछ की।
केरल ले जाकर धर्मांतरण के बाद जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाने के मामले में कोर्ट के सामने पीड़ित किशोरी का बयान मंगलवार को दर्ज हुआ। इसके बाद अब मामले में जल्द ही धर्मांतरण की धारा बढ़ाई जा सकती है।
बरामदगी के बाद पीड़िता को वन स्टाॅप सेंटर में रखा गया था। मंगलवार दोपहर पुलिस सुरक्षा में उसे कोर्ट के समक्ष ले जाया गया, जहां उसका बयान दर्ज हुआ। फिलहाल यह नहीं पता चल सका है कि उसने कोर्ट के समक्ष बयान में क्या कहा।
सूत्रों का कहना है कि पीड़िता पुलिस के समक्ष दिए अपने बयान पर कायम रहती है तो यह आरोपियों के खिलाफ बड़ा सबूत होगा। इसके तहत मामले में उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल मामला नाबालिग के अपहरण, आपराधिक षडयंत्र और एससी एसटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है।
दोनों आरोपियों को भेजा गया जेल
किशोरी के धर्मांतरण व जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाने में गिरफ्तार दोनों आरोपी दरकशा और कैफ को मंगलवार को जेल भेज दिए गए। फूलपुर पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया जहां रिमांड मंजूर कर कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। फूलपुर पुलिस ने बताया कि आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में नैनी जेल में दाखिल करा दिया गया है।
Courtsy amarujala