Tuesday, February 17, 2026
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Prayagraj Flood Update : यमुना में जलस्तर घटने लगा, गंगा की रफ्तार भी थम गई, पांच लाख से अधिक आबादी पर संकट

Prayagraj Flood Update Today : संगमनगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर घटने लगा है। हालांकि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान के ऊपर ही बह रही हैं। जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से घट रहा है। यही स्थिति रही तो दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। अभी लोग राहत शिविरों में ही रह रहे हैं।

गंगा-यमुना में दो दिनों से बढ़ रहे पानी ने प्रयागराज और आसपास के इलाके में करीब पांच लाख की आबादी के सामने गंभीर संकट पैदा कर दिया है। एक ओर जहां सैकड़ों घर बाढ़ के पानी में घिर गए हैं, वहीं हजारों लोगों के सामने खाने और पानी का संकट पैदा हो गया है। हालांकि, सोमवार शाम थोड़ी राहत भरी सूचना आई कि यमुना का जलस्तर घटने लगा है और गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है। इस बीच जनपद में स्थिति के मद्देनजर डीएम के निर्देश पर प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा-12 तक के सभी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में सात अगस्त तक छुट्टी घोषित कर दी गई है।

सोमवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने हेलिकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के साथ दो राहत शिविरों को भी देखा। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों व अफसरों संग बैठक में हाई अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। बारिश और बाढ़ ने हरी सब्जियों का भाव भी उफान पर ला दिया है। अधिकांश हरी सब्जियों के दाम फुटकर में 50 रुपये किलो से ज्यादा के हो गए हैं। वहीं, गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से सुबह जिले में 27 ट्रांसफाॅर्मर और बाढ़ की चपेट में आ गए हैं जबकि इससे पहले 22 डूबे हुए हैं। इससे करीब 250 मोहल्ले और गांवों के निचले इलाकों में अंधेरा छा गया है।

गंगा यमुना में बाढ़ की स्थिति ( 5 अगस्त दोपहर 12 बजे तक )

खतरे का निशान 84.734 है।

यमुना का जलस्तर 85.89 रिकॉर्ड किया गया। जलस्तर 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तर से कम हो रहा है।
गंगा का जलस्तर 86.07 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया गया। जलस्तर करीब 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे घट रहा है।

 

 

Prayagraj Flood Update: Water level in Yamuna started decreasing, speed of Ganga also stopped

 

 

कैंपों में रह रहे लोगों को सता रहीं अपने बंद घरों की चिंता

 

सदर बाजार के कैंट मैरिज हाल के बाढ़ शरणालय में नेवादा, मऊ कछार, मऊ सरैया , राजापुर, सदर बाजार, सीडीए पेंशन इलाके, गंगानगर , आदि इलाकों के करीब 320 लोग पहुंच चुके हैं, इंतजाम के बारे में पूछने पर वह संतोषजनक तो बता रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने घरों की अधिक चिंता सता रही हैं। उन्हें भय है कि घरों में रखे सामान नष्ट हो जाएंगे, कहीं चोरी न हो जाएं।

अशोक नगर निवासी रामपाल मौर्य ने बताया कि उनके परिवार के चार लोग कैंप में शरण लिए है। कुछ सदस्य रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। घरों में पानी घुसने से सामानों के नष्ट होने का खतरा उन्हें सता रहा हैं। नेवादा के राजेश चौहान का कहना है कि नाव से उन्हें प्रशासन ने परिवार के तीन सदस्यों के साथ दो दिन पहले निकाला चार लोग कैंप में हैं। लेकिन घर की चिंता सता रहीं हैं।

सामान नष्ट हो गए हैं। सोमवार को जाकर देखे तो कई सामान खराब हो गए हैं। कैंप में इंतजाम तो हैं, लेकिन बाथरूम में गंदगी है। मऊ कछार के पल्टू ने बताया कि उनके यहां के 100 लोग ऐसे है जो अपने घरों में ही है। अधिकारियों के कहने के बाद भी ऐसे लोग नहीं आएं। अब पानी बढ़ गया है तो उनकी परेशानी बढ़ गई हैं। उधर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कैंप के बच्चों में दूध का पैकेट वितरित किया।

पुल पर सेल्फी लेने और वाहन खड़े करने पर कटेगा चालान

पुलिस ने नए यमुना पुल, शास्त्री पुल और फाफामऊ पुल पर सेल्फी लेने और वाहन खड़े करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई करने के साथ पुलों पर पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं। पुल पर सेल्फी लेने और वाहन खड़े करने पर चालान कटेगा।

बाढ़ का नजारा लेने के लिए पुलों पर अच्छी खासी भीड़ जुट रही है। लोग रेलिंग पर लटक कर सेल्फी ले रहे हैं। उधर, पुलों पर काफी संख्या में वाहन खड़े होने से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।

डीसीपी नगर अभिषेक भारती ने बताया, संबंधित सभी थानों के प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि पुल पर पेट्राेलिंग कराई जाए। पुलों को पहले ही नो पार्किंग जोन घोषित किया जा चुका है। ऐसे में अगर कोई वाहन खड़ा करता है तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी।

नए यमुना पुल पर सबसे ज्यादा भीड़

बाढ़ देखने के लिए नए यमुना पुल पर सबसे ज्यादा भीड़ जुट रही है। यहां सुबह से ही भीड़ जुटने लगती है। लोग रास्ते में वाहन खड़े कर देते हैं, इससे आवागमन प्रभावित होता है। वहीं, शास्त्री पुल पर सोमवार को कुछ युवक स्टंट करते नजर आए। युवक रेलिंग पर चढ़कर गंगा में छलांग लगा रहे थे।

 

हेलीपैड पर भी लोगों का जमावड़ा

 

बाढ़ के नजारे को मोबाइल में कैद करने और सेल्फी लेने के लिए लोग अपनी जान भी खतरे में डाल रहे हैं। यमुना बैंक रोड पर बोट क्लब के पास महाकुंभ के दौरान बने हेलीपैड पर भी रोजाना सैकड़ों लोगों का जमावड़ा हो रहा है। खास बात है कि यह लगभग डूब चुका है, बावजूद इसके लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं।

 

 

 

Courtsy amarujala
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