सरायइनायत थाना क्षेत्र के धनैचा, मलखानपुर गांव में दो दिन चले सर्च आपरेशन के बाद भी वन विभाग तेंदुए को नहीं पकड़ सका है। इससे आसपास के करीब एक दर्जन गांवों में तेंदुए की दहशत बरकरार है।
सरायइनायत थाना क्षेत्र के धनैचा, मलखानपुर गांव में दो दिन चले सर्च आपरेशन के बाद भी वन विभाग तेंदुए को नहीं पकड़ सका है। इससे आसपास के करीब एक दर्जन गांवों में तेंदुए की दहशत बरकरार है। हालत यह है कि ग्रामीण खेतों में जाने से डर रहे हैं। वहीं महिलाएं और बच्चे भी घरों में कैद होने के लिए मजबूर हैं। तेंदुए को काबू करने शनिवार शाम करीब 7.30 बजे कानपुर से ट्रेंकुलाइजर विशेषज्ञ एवं वेटनरी डॉ. नासिर अपने सहयोगी के साथ पहुंचे तो ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी लेकिन रविवार देर शाम तक तेंदुए को पकड़ने में कामयाबी नहीं मिल सकी।
क्षेत्रवासी आशा रानी, राधा, सुनीता एवं सीमा ने बताया कि शनिवार की सुबह जब से गांव में तेंदुआ देखा गया है, तभी से लोग सहमे हुए हैं। तेंदुए के डर से लोगों की नींद उड़ी हुई है। बीते रोज देर शाम कानपुर से विशेषज्ञों की टीम पहुंची तो ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब तेंदुए को काबू किया जा सकेगा। उप प्रभागीय वनाधिकारी संगीता यादव के निर्देशन में खेत में चारों तरफ जाल लगाकर रात दो बजे तक सर्च लाइट और थर्मल ड्रोन से लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया गया पर तेंदुए का पता नहीं चला।
इस दाैरान खेत में चरी रौंदने के लिए जेसीबी भी बुलाया गया पर दलदल में फंस जाने के कारण जेसीबी खेत तक नहीं पहुंच सकी। रविवार की सुबह एकबार फिर तेंदुए को ट्रेंकुलाइज करने के लिए डॉ. नासिर ने ट्रेंकुलाइजर गन लेकर जेसीबी पर बैठकर पूरे खेत का निरीक्षण किया। फूलपुर रेंजर लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि तेंदुआ रात में ही किसी समय आगे निकल गया है हालांकि ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
साथ ही छोटे बच्चों को रात में घर से बाहर अकेले नहीं निकलने देने की हिदायत दी गई है। जनपद के सभी रेंजों में सूचना दे दी गई है, जहां भी तेंदुए की लोकेशन मिलती है उसका रेस्क्यू किया जाएगा। जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक सर्च आपरेशन चलता रहेगा। धनैचा, मलखानपुर के अलावा पास के कोटवा, जमुनीपुर, बेलवार, दुबावल, ककरा, सुदनीपुर कला, कतवारूपुर आदि गांव एक-दूसरे से जुड़े हुए और घनी आबादी वाले हैं। इन गांवों के लोग भी तेंदुए के कारण दहशत में हैं।



