स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सिविल लाइन स्थित भाजपा कार्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में विभाजन के दर्द और परिदृश्यों पर वक्ताओं द्वारा प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल ने कहा कि 14 अगस्त इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज है। आज भी लोग जब 14 अगस्त के विभाजन के उस दौर को याद करते हैं तो सिहर उठते हैं। कांग्रेस के नेताओं ने विभाजन की नींव रखी। उस दौर की राजनीतिक भूल का खामियाजा आज देश उठा रहा है । कांग्रेस के नेताओं ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते देश का विभाजन करवाया। सत्ता में कायम रहने के लिए भारत के दो टुकड़े किए गए। नई पीढ़ी को भी आजादी और विभाजन के विषय में जानना चाहिए। कांग्रेस देशभक्ति विभाजन की जिम्मेदार है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद श्रीमती दर्शना सिंह ने कहा कि आज की पीढ़ी को सिर्फ ये पता है कि भारत आजाद कब हुआ ये नहीं पता कि विभाजन का दर्द क्या होता है। कांग्रेस ने कभी ऐसा प्रयास नहीं किया क्योंकि बंटवारे की जिम्मेदार कांग्रेस जो थी। धर्म के आधार पर बंटवारा किया गया। 15 से 20 लाख लोग मारे गए। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से देश के बंटवारे की त्रासदी को याद कर रहा है। यह हमारे इतिहास के उस दुखद अध्याय के दौरान असंख्य लोगों द्वारा झेले गए दुख और पीड़ा को स्मरण करने का दिन है। यह दिन उनके साहस और आत्मबल को सम्मान देने का भी अवसर है। इन्होंने अकल्पनीय कष्ट सहने के बाद भी एक नई शुरुआत करने का साहस दिखाया। विभाजन से प्रभावित ज्यादातर लोगों ने ना सिर्फ अपने जीवन को फिर से संवारा, बल्कि असाधारण उपलब्धियां भी हासिल कीं। यह दिन हमें अपनी उस जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है कि हम सौहार्द और एकता की भावना को सुदृढ़ बनाए रखें, जो हमारे देश को एक सूत्र में पिरोकर रखती है। भारतीय इतिहास में 14 अगस्त मात्र एक तारीख नहीं, एक त्रासदी है। उस इतिहास को जानना जरूरी है। देश को बांटने वाले संविधान बचाने की बात करते हैं। कांग्रेस ने देश की जनता को गुमराह करने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को जोड़ने विश्व गुरु बनाने के लिए काम कर रहे हैं। सबका साथ सबका विकास के मार्ग पर चलकर सरकार काम कर रही है। आज भारत आत्मनिर्भर है। आज भारत सबसे तेज गति से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में हैं। लेकिन इससे डरी हुई कुछ ऐसी शक्तियां भी भारत के खिलाफ लगी हैं जो भारत को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हमें ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है। आज ही के दिन, संकीर्ण मजहबी कट्टरता और नफरत की नीतियों ने भारत माता को बांटने का षड्यंत्र रचा, जिसकी परिणति दंगों, निर्दोषों की हत्याओं और तड़पती मनुष्यता के रूप में सामने आई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि 14 अगस्त विभाजन की विभीषिका को महसूस करने का दिन है। महिलाओं बच्चों के साथ अत्याचार की पराकाष्ठा पार कर दी गई थी। ऐसी विभाजन विभीषिका को आज देश को जानने समझने की आवश्यकता है। विभाजन के जिम्मेदार आज वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए। इधर से जिंदा लोग जाते थे लेकिन उधर से लाशें आती थीं। ये थी विभाजन की बर्बरता। इस दौरान विभाजन विभीषिका से संबंधित प्रदर्शनी भी भाजपा कार्यालय में लगाई गई जिसमें विभाजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को उकेरा गया था। संगोष्ठी के बाद भाजपा कार्यालय से लोकसेवा आयोग चौराहे तक मौन जुलूस निकाला गया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक आनंद सोनकर ने किया। मंच पर राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ नरेंद्र कुमार सिंह गौर, राजेंद्र मिश्र, अनामिका चौधरी, आकांक्षा सोनकर, उपस्थिति रही l
कार्यक्रम के शुभारंभ पर दीपक होने के उपरांत धर्मेंद्र कुमार द्वारा वंदे मातरम का गायन हुआ l
तथा कार्यक्रम में मुख्य रूप से देवेश सिंह, कुंज बिहारी मिश्रा, अंजनी सिंह त्रिवेणी राय सुजीत कुशवाहा पप्पू पांडेय, शिखा रस्तोगी, आभा सिंह, नवाब खान, डॉ शैलेश पांडेय, राजेश गोंड, विजय श्रीवास्तव, विजय पटेल, राजन शुक्ला, राजू पाठक प्रमोद मोदी, मनोज कुशवाहा, ज्ञानेश्वर शुक्ला मोहित गुप्ता राघवेंद्र कुशवाहा प्रवक्ता पवन श्रीवास्तव, प्रवक्ता राजेश केसरवानी विपुल अग्रहरि रविंद्र त्रिपाठी निषेध दुबे अनुज कुशवाहा राजेश केसरवानी, सह मीडिया प्रभारी विवेक मिश्रा, राकेश भारती, शोभिता श्रीवास्तव, दीप द्विवेदी, बिलाल अहमद, इम्तियाज गुड्डू आदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Anveshi India Bureau



