Tuesday, February 17, 2026
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Pooja Pal News : अखिलेश की दरियादिली खत्म, पूजा पाल सपा से बाहर, भाजपा में एंट्री और मंत्री पद की चर्चाएं तेज

कभी सपा मुखिया अखिलेश यादव की दरियादिली से राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बावजूद बची रहीं कौशाम्बी जिले की चायल विधायक पूजा पाल अब सपा से बाहर हो गई हैं।

कभी सपा मुखिया अखिलेश यादव की दरियादिली से राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बावजूद बची रहीं कौशाम्बी जिले की चायल विधायक पूजा पाल अब सपा से बाहर हो गई हैं। वृहस्पतिवार को विधानसभा में सपा नेतृत्व को खुली चुनौती देने के कुछ घंटों बाद ही उन्हें निष्कासित कर दिया गया। विधायक पूजा पाल की नाराजगी की जड़ माफिया अतीक अहमद का सपा में वर्चस्व और उनके पति राजू पाल की हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी न होना रही है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद यह दूरी खाई में बदल गई। नतीजा सपा के कार्यक्रमों से दूरी, भाजपा नेताओं से बढ़ती नजदीकियां और अब निष्कासन।

जून माह में सपा ने क्रॉस वोटिंग करने वाले अभय सिंह, राकेश सिंह और मनोज पांडेय को बाहर का रास्ता दिखा दिया था, लेकिन दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक समीकरण साधने के लिए पूजा को अभयदान मिला था। अब पूजा पाल के विधानसभा में आक्रामक होने के चलते हालात बदल गए हैं। इससे पहले वह बसपा से शहर पश्चिमी की विधायक रह चुकी हैं।

प्रदेश के मंत्रिमंडल में पूजा के शामिल होने का साफ हुआ रास्ता

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पूजा पाल का भाजपा में जाना तय है और मंत्री पद के लिए भी उनका नाम दौड़ में शामिल है। सपा में रहते हुए विधायक पूजा पाल मंत्री नहीं बन सकती थीं। सपा मुखिया ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर मंत्री बनने का रास्ता साफ कर दिया हैं। उनके पति के हत्यारे अभी भी फरार बताएं जाते हैं।

 

प्रयागराज और कौशाम्बी के 15 विधानसभा क्षेत्रों में सात पर सपा ने लहराया था परचम

 

कौशाम्बी जिले की तीन विधानसभाओं में तीनों पर सपा का कब्जा है। विधानसभा चायल से पूजा पाल, सिराथू से पल्लवी पटेल और मझनपुर से इंद्रजीत सरोज विधायक हैं। वहीं प्रयागराज की 12 विधानसभा क्षेत्रों में चार पर सपा का कब्जा है। जिसमें विधानसभा हण्डिया से हाकिमलाल बिंद, मेजा से संदीप पटेल, सोरांव से गीता पासी, प्रतापपुर से विजमा यादव विधायक हैं। विधायकों का कहना है कि पूजा पाल सिर्फ चुनाव जीतने सपा में आई थीं। सपा और उसके कार्यक्रमों से उन्होंने लंबे समय से दूरी बना लिया था। सपा

 

मुखिया ने निष्कासन कर अच्छा निर्णय लिया हैं।

 

पार्टी विरोधी जो भी कार्य करेगा, उसे पार्टी से निष्कासित किया जाएगा। पूजा पाल पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थीं, उन्हें सुधारने का अवसर जून माह में चेतावनी के साथ दिया गया था, लेकिन कोई तब्दीली नहीं आई, इसलिए उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा हैं। – श्यामलाल पाल, प्रदेश अध्यक्ष सपा

 

 

 

Courtsy amarujala
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