Saturday, January 24, 2026
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ब्रजेश पाठक पहुंचे एसआरएन अस्पताल : साहब गलियारे में बड़ी गर्मी लगती है, यहां न पंखा है और न ही कूलर…

साहब गलियारे में बड़ी गर्मी लगती है, यहां न पंखा है और न ही कूलर…बैठना मुश्किल हो जाता है। यह शिकायत रविवार को स्वरूप रानी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से तीमारदारों ने की।

साहब गलियारे में बड़ी गर्मी लगती है, यहां न पंखा है और न ही कूलर…बैठना मुश्किल हो जाता है। यह शिकायत रविवार को स्वरूप रानी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से तीमारदारों ने की। जिसके बाद डिप्टी सीएम ने मौके पर मौजूद मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय और एसआरएन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह से गलियारे में पंखा व एसी लगवाने की बात कही।

दोपहर करीब 2.20 बजे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक एसआरएन अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान वह सीधे ट्रॉमा सेंटर गए। वह करीब आधे घंटे ट्रॉमा सेंटर में रुके। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, आर्थो वार्ड, आईसीयू आदि में मरीजों का हाल जाना। ट्रामा सेंटर के दूसरे तल पर बैठीं गीता देवी को देख डिप्टी सीएम रूक गए। उन्होंने पूछा, क्या तकलीफ है? इस पर रोने लगीं। डिप्टी सीएम ने आगे पूछा, कौन भर्ती है? पैसे वगैरह की दिक्कत तो नहीं है? महिला ने बताया, बेटा भर्ती है, उसका इलाज चल रहा है।
डिप्टी सीएम ने प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय को निर्देशित किया इलाज में किसी तरह की लापरवाही न होने पाए। ट्रॉमा सेंटर के हाॅल में कुछ तीमारदार अपनी चटाई लेकर आए थे, उसी पर वह बैठे थे। वहीं कुछ तीमारदार जमीन पर ही बैठे थे। इस पर उन्होंने प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय व अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह से कहा कि इन तीमारदारों को बैठने की व्यवस्था की जाए। वहीं एसी नहीं चलने पर नाराजगी जताई। प्राचार्य को निर्देशित किया कि तत्काल एसी ठीक कराया जाए। 

आर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती मरीजों के बीच पहुंचे। यहां आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. मनीष शुक्ला से उन्होंने मरीजों के बारे में जानकारी ली। इसके पहले स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में पहुंचते ही सबसे पहले ब्रजेश पाठक ने सड़क ठीक कराने काे कहा। उन्होंने प्राचार्य से कहा कि इसे तत्काल अपने स्तर पर ठीक कराएं ताकि यहां आने वाले मरीजों को एंबुलेंस या स्ट्रेचर में झटका न लगे।

 

ऑपरेशन करते समय बेटी के पेट में छोड़ दिया सुई धागा

 

मंत्री जी डॉक्टरों ने ऑपरेशन करते समय मेरी बेटी के पेट में सुई-धागा छोड़ दिया। मुझे न्याय चाहिए, ऐसे अस्पतालों में ताला लगवाईए जहां पर मरीजों के जीवन के साथ खेला जाता है। यह कहना था शांतिपुरम निवासी श्रीश पांडेय का, जो अपनी नौ साल की बेटी को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि 30 अगस्त को उनकी नौ वर्षीय बेटी आराध्या के अपेंडिश का ऑपरेशन ट्रैफिक चौराहा स्थित एक निजी चिकित्सालय में हुआ था। जहां पर चिकित्सकों ने ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में सुई धागा छोड़ दिया। वहीं छह सितंबर को मवाद अपने पर परिजनों को इस बात की जानकारी हुई। जिसके बाद दूसरे निजी चिकित्सालय में बेटी का दूसरा ऑपरेशन हुआ। जिसके बाद बच्ची ठीक है। वहीं डिप्टी सीएम ने एसीएमओ डॉ. आरसी पांडेय को मामले की जांच करके कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

 

 

Courtsy amarujala
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