Allahabad High Court News : तलाक के बाद पत्नी और बच्ची के भरण पोषण के लिए हर माह 40 हजार रुपये देने का आदेश कानपुर की फेमिली कोर्ट ने दिया है। इस आदेश के खिलाफ पति ने इलाहाबाद कोर्ट में याचिका दायर की थी। पति का तर्क था कि पत्नी शिक्षित है और वह कमा सकती है। कोर्ट ने इस दलील को मानने से इनकार करते हुए परिवार न्यायालय के फैसले पर मुहर लगा दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि पत्नी शिक्षित है और वह कमा सकती है के आधार पर भरण-पोषण के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति मदनपाल सिंह की एकलपीठ ने परिवार न्यायालय के पत्नी के पक्ष में 40 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण के आदेश को चुनौती देने वाली कानपुर नगर निवासी गौरव गुप्ता की अर्जी खारिज कर दी।
कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले का भी हवाला देते हुए कहा कि एक सक्षम, स्वस्थ युवक को पत्नी और बच्चों के लिए पर्याप्त कमाई करने में सक्षम माना जाता है। ऐसे में कोर्ट ने परिवार न्यायालय के 40 हजार रुपये प्रति माह भरण-पोषण की राशि का फैसला बरकरार रखते हुए अर्जी खारिज कर दी।



