चार दिवसीय छठ महापर्व के तीसरे दिन गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। व्रती महिलाओं ने परिवार के सदस्यों के साथ संगम सहित अन्य घाटों पर पहुंचकर विधि विधान से अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के मंगलमय जीवन की कामना की।
चार दिवसीय छठ महापर्व के तीसरे दिन गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। व्रती महिलाओं ने परिवार के सदस्यों के साथ संगम सहित अन्य घाटों पर पहुंचकर विधि विधान से अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के मंगलमय जीवन की कामना की। सोमवार को व्रतियों ने संगम नोज, दश्वामेध, बलुआघाट, शिवकुटी, अरैल, फाफामऊ सहित अन्य घाटों पर अस्तालच सूर्य को अर्घ्य दिया। वेदी ने ईख रखकर विधि विधान से अर्ध्य दिया। घाट पर सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त रहा।





