उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मन्शा के अनुसार उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश मे खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानो के उत्पादो का अधिक से अधिक दाम दिलाने के हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। कोशिश है कि विकसित भारत के निर्माण मे खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान
रहे। यही नहीं, इसके मूल मे सभी क्षेत्रों मे काम करके भारत को बड़ा निर्यातक देश बनाना भी मकसद है।सेना के जवानो का फूड प्रोसेसिंग कार्यो मे प्रशिक्षण देना एक भारत -श्रेष्ठ भारत की दिशा मे महत्वपूर्ण कदम है।
उत्तर प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत संस्था क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केंद्र, लखनऊ (आरफ्रेक) को राज्य सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा, परीक्षण, परामर्श के साथ-साथ मानव संसाधन विकास उद्देश्यों के लिए उत्कृष्ट केंद्र घोषित किया गया है। वर्तमान में खाद्य प्रसंस्करण में तकनीकी के विकास एवं मांग के दृष्टिगत प्रशिक्षित फूड टेकनोलाजिस्ट की आवश्यकता दिन-प्रति-दिन बढ़ रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में सेना के लखनऊ मुख्यालय के महानिदेशक, पुनर्वास के प्रस्ताव पर आरफ्रेक द्वारा थल, वायु एवं जल सेना के सेवानिवृत्त होने वाले जे०सी०ओ० लेवल तक के अधिकारियों को सेवानिवृत्त उपरान्त स्थिर रोजगार के सृजन को ध्यान में रखते हुए खाद्य प्रसंस्करण, गुणवत्ता प्रबंधन, पैकेजिंग और लेबलिंग में व्यापक ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सार्टिफिकेट कोर्स डिजाइन किया गया। इस 4 माह के सार्टिफिकेट कोर्स में प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा नियमों, प्रसंस्करण तकनीकों और गुणवत्ता नियंत्रण विधियों में विशेषज्ञता से संबन्धित विषयों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त करायी गयी,ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके स्तर से भी खाद्य उत्पाद उद्योग मानकों के अनुरूप स्थापित किया जा सके व खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों को तकनीकी सेवाए प्रदान कर सके।
श्री मौर्य के निर्देशो के क्रम मे भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के 40 जेसीओ को खाद्य प्रसंस्करण और गुणवत्ता प्रबंधन (पैकेजिंग और लेबलिंग सहित) पर 4 महीने के सर्टिफिकेट कोर्स पूर्ण करने के उद्देश्य से उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, सप्रू मार्ग के ऑडिटोरियम में शुक्रवार को सम्मानित किया गया तथा श्री बी०एल० मीना,अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ०प्र० शासन द्वारा सार्टिफिकेट वितरित किये गये। श्री मीना द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि सेना के प्रशिक्षार्थियों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जो जानकारी / व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ है, को स्वयं के रोजगार से जोड़े जाने एवं उद्यमी के रूप में अपने को स्थापित किए जाने पर बल दिया गया। इस अवसर पर उन्होने उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 एवं पी०एम०एफ०एम०ई० में किए गये प्रस्तुतिकरण में बताए गये मुख्य बिन्दुओं के अनुसार अग्रिम कार्यवाही करने एवं योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए भी सेना के अधिकारियों को प्रेरित किया गया।



इस कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए आरफ्रेक के निदेशक डा० हरीश कुमार द्वारा संस्थान के कार्यक्रमों, किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से समस्त को परिचित कराया गया। इस अवसर पर श्रीमती कोमल सिंह, विभागाध्यक्ष, खाद्य प्रसंस्करण संकाय, बी०बी०ए०यू०, अमेठी शाखा द्वारा इस कार्यक्रम के आयोजन के प्रति विभाग/आरफ्रेक को धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा सेना के अधिकारियों को इस फील्ड में स्टार्ट-अप के रूप में स्वयं के रोजगार सृजन हेतु प्रेरित भी किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सेना के लखनऊ मुख्यालय के महानिदेशक, पुनर्वास विभाग में पदस्थ एवं सेना के कोर्स लीडर द्वारा आनलाइन प्रतिभाग किया गया तथा उनके द्वारा सेना के अधिकारियों को गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हे निवानिवृत्त उपरान्त रोजगार के सृजन में विभाग एवं संस्थान के सहयोग हेतु आभार प्रकट किया गया। प्रशिक्षार्थियों के कोर्स सिनियर द्वारा अपने उद्बोधन में प्रशिक्षण की रूपरेखा, गुणवत्ता तथा फैकल्टी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से जहाँ उन्हे तथा उनके साथियों को नवीन तकनीकी की जानकारी प्राप्त हुई है,वहीं उन्हें सेवानिवृत्त उपरान्त स्वयं का रोजगार करने का भी मार्ग प्रशस्त हुआ है। श्री भानुप्रकाश राम
निदेशक उद्यान ने भी प्रशिक्षणार्थियो को प्रमाण पत्र वितरित किये।
इस कार्यक्रम में डा० अरविन्द कुमार सिंह, कन्सल्टेन्ट द्वारा उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 एवं डा० सोम्या अविरल मिश्रा, फूड टेकनोलाजिस्ट द्वारा पी०एम०एफ०एम०ई० योजना पर प्रस्तुतिकरण किया गया।
गौरतलब है कि इसके पहले भी सेना के सेवानिवृत अधिकारियो व कर्मचारियों को इस सम्बन्ध मे प्रशिक्षण दिया गया है।सितम्बर 2025 मे उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा खाद्य प्रसंस्करण, निदेशालय के अधीन कार्यरत संस्था- रीजनल फूड रिसर्च एण्ड एनॉलिसिस सेण्टर (आर-फ्रैक) लखनऊ द्वारा
डायरेक्टर जनरल री-सेटेलमेन्ट (रक्षा मन्त्रालय)ट्रेनिंग के तहत स्व-रोजगार हेतु
अधिकारियों/कर्मचारियों को “सर्टिफिकेट इन बेकरी एण्ड कन्फेक्शनरी” मे 16 सप्ताह का प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थियो को अपने कैम्प कार्यालय 7- कालिदास मार्ग पर प्रमाण पत्र प्रदान किये गये थे । इस अवसर पर उन्होने खाद्य प्रसंस्करण मे उद्यम स्थापित करने वाले चार उद्यमियो को रू 9 करोड़ से अधिक की धनराशि अनुदान के रूप मे प्रदान किया था।
Additional Chief Secretary B. L. Meena distributed certificates to the trainees.



