Saturday, November 29, 2025
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High Court : सेवानिवृत्त कर्मचारी के खिलाफ भी हो सकती है जांच व कार्रवाई, रिटायर्ड जेई की याचिका खारिज

फर्रुखाबाद निवासी विपिन चंद्र तकनीकी जूनियर इंजीनियर के पद से 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन पर सेवाकाल 2015-2022 के बीच गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई। कुछ आरोपों पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया तो उन्होंने उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को उसके सेवा के दौरान हुईं गड़बड़ियों से मुक्त नहीं किया जा सकता। सरकारी विभागों में बढ़ते भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, सार्वजनिक जवाबदेही बनाए रखने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के खिलाफ भी जांच व कार्रवाई की जा सकती है। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने सेवानिवृत्त जूनियर इंजीनियर की ओर से शो-कॉज नोटिस के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की एकल पीठ ने विपिन चंद्र वर्मा की याचिका पर दिया है।

फर्रुखाबाद निवासी विपिन चंद्र तकनीकी जूनियर इंजीनियर के पद से 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन पर सेवाकाल 2015-2022 के बीच गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई। कुछ आरोपों पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया तो उन्होंने उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। अधिवक्ता ने दलील दी सेवानिवृत्ति के बाद याची अब नियोक्ता का कर्मचारी नहीं है। इसलिए उसके खिलाफ जांच नहीं की जा सकती। शिकायतकर्ता स्थानीय विधायक का रिश्तेदार है। इसलिए शिकायत राजनीतिक रूप से प्रेरित है, अन्य दलीलें दीं।

कोर्ट ने कहा कि यद्यपि कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुका है और औपचारिक नियोक्ता–कर्मचारी संबंध समाप्त हो गए हैं, लेकिन सिविल सर्विस रेगुलेशन में सेवानिवृत्त कर्मियों पर कार्रवाई की पूर्ण प्रक्रिया उपलब्ध है। इसलिए यह दलील स्वीकार नहीं की जा सकती कि सेवानिवृत्ति के बाद किसी प्रकार की जांच या कार्यवाही नहीं हो सकती। कोर्ट ने कहा कि सरकारी कर्मचारी सिर्फ वेतन अर्जित करने के लिए कार्य नहीं करते, बल्कि उनका काम राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है। ऐसे में उनके ऊपर उच्चस्तर की जिम्मेदारी होती है।

ऐसे में सरकारी विभागों में तेजी से बढ़ रही भ्रष्ट प्रवृत्तियों, पक्षपात और सुविधा उपलब्ध कराने जैसी मनमानी को रोकने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी जांच और कार्रवाई से बाहर नहीं रखा जा सकता। यह जनता और उसके प्रतिनिधियों का अधिकार है कि वे किसी भी सरकारी कर्मचारी चाहे सेवारत हो या सेवानिवृत्त की कार्य अवधि में हुई लापरवाही या कदाचार की जानकारी सामने ला सकें।

 

 

Courtsyamarujala.com

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