Thursday, January 15, 2026
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HomeUttar Pradeshस्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिला रोजगार का नया साधन

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिला रोजगार का नया साधन

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में रविवार को सर्किट हाउस सभागार में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में वृद्धि करने तथा लखपति दीदी के संकल्प को साकार करने हेतु तीन नवीन कार्यक्रमों का शुभारम्भ किया गया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर ही समग्र विकास संभव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार का लक्ष्य पूरे उत्तर प्रदेश में 01 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाना है।

 

 

ग्राम पंचायत बारात घर संचालन योजना

बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर नवनिर्मित बारात घरों के संचालन हेतु 03 ग्राम संगठनों (स्वयं सहायता समूह फेडरेशन) एवं 03 ग्राम पंचायतों (रघुनाथपुर व बेसहुपुर—विकासखंड सेवापुरी तथा सिवो—विकासखंड चिरईगांव) के मध्य अनुबंध पर हस्ताक्षर कराए गए।

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण जनता को न्यूनतम दर पर मांगलिक कार्यक्रमों हेतु स्थान व कैटरिंग सेवा उपलब्ध कराना है, जिससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त हो सके। वर्तमान में 60 बारात घरों के संचालन की कार्यवाही प्रगति पर है। उपमुख्यमंत्री ने अन्य ग्राम पंचायतों में भी सर्वे कर बारात घर निर्माण के निर्देश दिए।

पिंक ऑटो एवं ई-रिक्शा योजना

GMR VR लक्ष्मी ग्रुप एवं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के मध्य पिंक ऑटो संचालन हेतु अनुबंध किया गया, जिसके अंतर्गत वाराणसी में 160 पिंक ऑटो स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के तहत महिलाओं को ऑटो, ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराया जाएगा।

GMR VR लक्ष्मी ग्रुप द्वारा प्रत्येक ऑटो पर ₹35,000 का योगदान सीएसआर मद से दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ई-ऑटो बाजार दर से कम मूल्य पर उपलब्ध कराए जाएं।

इसके अतिरिक्त डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स (DA) एवं UPSRLM के सहयोग से महिलाओं को एक सप्ताह का व्यवस्थित ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत ₹2.5 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराकर ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं।

वर्तमान में 30 महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जा चुके हैं तथा 108 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। जनपद में कुल 250 महिलाओं को ई-रिक्शा संचालन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। महिलाएं प्रतिमाह ₹15,000 से ₹20,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं।

 

Anveshi India Bureau

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