उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित लोक संगीत, शास्त्रीय संगीत एवं जन आस्था के जीवंत संगम “चलो मन गंगा यमुना तीर” नाद-ब्रह्म महोत्सव के अंतर्गत आयोजित 15 दिवसीय शिल्प मेले के पाँचवें दिन प्रसिद्ध भजन एवं ग़ज़ल गायक मनोज गुप्ता ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मनोज गुप्ता ने अपने कार्यक्रम का शुभारंभ गणपति वंदना से किया। इसके पश्चात उन्होंने श्रीरंग पाण्डेय की रचना “तीरथराज प्रयाग में लगा माघ पर्व का मेला”, कैलाश गौतम की रचना “चलो जी चलो आज संगम नहाए”, “सीताराम दरस रस बरसे जैसे सावन की झड़ी”, “मेरी चौखट पर चलकर आज चारों धाम आए हैं”, मीराबाई का प्रसिद्ध भजन “चलो मन गंगा यमुना तीर”, “अब जागो है अंजनी कुमार” सहित अनेक भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में श्रोताओं की मांग पर प्रस्तुत की गई कव्वाली “ढलता सूरज धीरे-धीरे ढलता है, ढल जाएगा” ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

गायन में प्रिया पाण्डेय, मितुल राय, साक्षी यादव एवं कशिश शुक्ला ने मनोज गुप्ता का उत्कृष्ट साथ दिया। वहीं वादन में सिंथेसाइज़र पर रवि बाजपेई, ऑक्टोपैड पर प्रशांत भट्ट, तबले पर सूर्या भट्ट तथा ढोलक पर कार्तिक भट्ट ने सधी हुई संगत देकर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
कार्यक्रम के पश्चात कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय, मधुकांत मिश्रा, कृष्ण मोहन द्विवेदी, हिमानी रावत, प्रदीप भटनागर, अभिलाष नारायण एवं संजय पुरुषार्थी द्वारा कलाकारों को अंगवस्त्र एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सुंदर एवं सफल संचालन मिस्बाह इलाहाबादी ने किया।
Anveshi India Bureau



