प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बीते साढ़े आठ वर्षों से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और सम्मानजनक जीवन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने यह बात प्रतापगढ़ जनपद में दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य निधि के अंतर्गत आयोजित ‘दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी’ के शुभारंभ अवसर पर कही।
मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया तथा दिव्यांगजनों द्वारा अपने कौशल, परिश्रम एवं रचनात्मकता से तैयार किए गए उत्पादों का अवलोकन किया। इस अवसर पर दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, स्टिल सहित अन्य सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सेवा आश्रम ट्रस्ट एवं सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से 150 से अधिक दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों के कौशल विकास एवं रोजगार सृजन के उद्देश्य से प्रदेशभर में दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे वे अपने हुनर को मंच प्रदान कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 6000 दिव्यांग विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। प्रदेश में बचपन डे-केयर सेंटर, समेकित विद्यालय, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट स्तर तक की शिक्षण संस्थाएं संचालित कर दिव्यांगजनों की बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा तक की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 11.5 लाख दिव्यांगजनों को 12,000 रुपए वार्षिक भरण-पोषण राशि प्रदान की जा रही है, जबकि वर्ष 2017 से पूर्व यह राशि मात्र 300 रुपए प्रतिमाह थी। योगी सरकार ने इसे बढ़ाकर 1000 रुपए प्रतिमाह कर दिव्यांगजनों की दैनिक आवश्यकताओं को सरल बनाया है।
मंत्री कश्यप ने यह भी जानकारी दी कि योगी सरकार ने हाल ही में प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों के माध्यम से दिव्यांगता की शीघ्र पहचान, कृत्रिम अंगों की मरम्मत तथा स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही दिव्यांगजनों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए दुकान संचालन हेतु 10,000 रुपए एवं दुकान निर्माण हेतु 20,000 रुपए की सहायता राशि आसान किस्तों में प्रदान की जा रही है।
Anveshi India Bureau



