उप मुख्यमंत्री एवं नेता सदन, विधान परिषद श्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में बुधवार को विधान परिषद के कक्ष संख्या–77 में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधान परिषद के द्वितीय एवं तृतीय सत्र (2025) के दौरान उठाए गए शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न प्रकरणों के निस्तारण तथा अन्य लंबित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में माननीय जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों पर नियमानुसार एवं समयबद्ध रूप से कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रकरणों के निस्तारण में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो तथा की गई कार्यवाही की जानकारी हेतु एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सभी माननीय सदस्यों को नियमित रूप से अवगत कराया जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, संसाधन-सम्पन्न बनाना तथा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक समस्या का समुचित एवं व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में प्रबंधन तंत्र, सेमेस्टर प्रणाली, भुगतान संबंधी विषय, विभिन्न शासनादेशों के अनुपालन, सेवा-सुरक्षा, मान्यता, पुरस्कार आदि बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का गंभीरतापूर्वक परीक्षण करते हुए निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में राज्य मंत्री उच्च शिक्षा श्रीमती रजनी तिवारी, विधान परिषद सदस्य श्री राज बहादुर सिंह चंदेल, प्रश्न एवं संदर्भ समिति के सभापति एवं विधान परिषद सदस्य श्री ध्रुव कुमार त्रिपाठी, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष श्री लाल बहादुर यादव सहित विधान परिषद के कई माननीय सदस्य उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा श्री पार्थसारथी सेन शर्मा, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री एम.पी. अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा श्री अमित त्रिपाठी, विशेष सचिव उच्च शिक्षा श्री गिरिजेश कुमार त्यागी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
Anveshi India Bureau



