उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब, लखनऊ द्वारा सरकारी एवं अर्धसरकारी विभागों, संस्थाओं के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े व्यक्तियों को दक्ष एवं सक्षम बनाने हेतु निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू के संरक्षण तथा अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्गदर्शन एवं प्रशासनिक नियंत्रण में संस्थान परिसर में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। 9 से 14 फरवरी तक केंद्रीय सचिवालय प्रबंध प्रशिक्षण संस्थान, भारत सरकार के सहयोग से भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में नवनियुक्त सहायक अनुभाग अधिकारियों के लिए “विलेज अटैचमेंट” विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनपद लखनऊ एवं आसपास के जनपदों के जिला, तहसील, विकास खंड एवं ग्राम पंचायत स्तर के शासकीय विभागों की कार्यप्रणाली तथा राष्ट्र विकास में उनकी भूमिका का व्यवहारिक अध्ययन कराया जा रहा है।
इसी अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडी), राजेंद्र नगर, हैदराबाद के सहयोग से उत्तर प्रदेश, बिहार एवं उत्तराखंड के खंड विकास अधिकारियों के लिए “मिशन कर्मयोगी एवं विकसित भारत-2047” के परिप्रेक्ष्य में परिमार्जित आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। साथ ही 9 से 11 फरवरी तक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों हेतु “लर्निंग बाई डूइंग” विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
आज आयोजित वेबिनार में महानिदेशक की अध्यक्षता तथा विशिष्ट अतिथि वक्ताओं—सुभाष चंद्र दूबे (महानिरीक्षक, महिला एवं बाल सुरक्षा कल्याण, 1090), प्रोफेसर डॉ. आर. रमेश (एनआईआरडी, हैदराबाद) एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लाखन सिंह (एनआईआरडी, हैदराबाद)—की गरिमामयी उपस्थिति में मिशन कर्मयोगी विषय पर विस्तार से व्याख्यान दिए गए। कार्यक्रम में भारत सरकार के सहायक अनुभाग अधिकारियों, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं उत्तराखंड के खंड विकास अधिकारियों तथा शिक्षाविदों ने सहभागिता की।
समापन अवसर पर महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू ने अपने संबोधन में कहा कि “मिशन कर्मयोगी एवं विकसित भारत-2047” के संदर्भ में शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका केवल कार्यालय समय तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपने सार्वजनिक एवं पारिवारिक जीवन में भी कर्मयोगी बनकर आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जागरूक भारतीय नागरिक को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय एवं अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नवीन कुमार सिन्हा ने किया। आयोजन एवं प्रबंधन में उपनिदेशक अनुज कुमार श्रीवास्तव, सहायक निदेशक डॉ. राज किशोर यादव, डॉ. वरुण चतुर्वेदी, संकाय सदस्य मोहित यादव, धर्मेंद्र कुमार सुमन, प्रचार सहायक मोहम्मद शहंशाह तथा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग ऑफिसर उपेंद्र कुमार दूबे का उल्लेखनीय योगदान रहा।
Anveshi India bureau



