रामपुर जनपद में अधिवक्ता श्री फारूक अहमद खान की निर्मम गोली मारकर हत्या के विरोध में प्रयागराज के अधिवक्ताओं ने गहरा शोक एवं आक्रोश व्यक्त किया। अधिवक्ताओं ने इस घटना को न्याय व्यवस्था पर सीधा प्रहार बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस अवसर पर अधिवक्ता हन्जला फारूकी ने माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली को संबोधित ज्ञापन को अपर जिलाधिकारी (सिटी), प्रयागराज के माध्यम से पढ़कर सुनाया एवं सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यह घटना केवल एक अधिवक्ता की हत्या नहीं, बल्कि न्याय के प्रहरी पर हमला है, जिसने पूरे अधिवक्ता समाज को झकझोर दिया है। यदि न्याय की लड़ाई लड़ने वाले अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक का न्याय व्यवस्था पर विश्वास कैसे कायम रहेगा?
अधिवक्ताओं ने कहा कि यद्यपि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, किंतु ऐसी जघन्य घटनाओं की पुनरावृत्ति कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। एक अधिवक्ता, जिसने जीवनभर न्याय के लिए संघर्ष किया, आज स्वयं न्याय की प्रतीक्षा में है।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने निम्न प्रमुख मांगें रखीं—
हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर समयबद्ध न्याय प्रदान किया जाए।
दिवंगत अधिवक्ता के परिवार को सुरक्षा एवं सम्मानजनक आर्थिक मुआवज़ा दिया जाए।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा हेतु विशेष सुरक्षा नीति/अधिवक्ता संरक्षण कानून प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
कानून-व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
अधिवक्ता हन्जला फारूकी ने कहा कि यह समय मौन रहने का नहीं, बल्कि न्याय के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाने का है। अधिवक्ता समाज सदैव न्याय की रक्षा में अग्रणी रहा है, किंतु आज उसे स्वयं सुरक्षा और संरक्षण की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में एडवोकेट राहुल पटेल (वरिष्ठ अधिवक्ता), समसुद्दीन, मोहम्मद अल्तमश, अधिवक्ता सरफराज अहमद (जिला विधि सचिव, NACOCI), मोहम्मद जैद, मोहम्मद शोएब, मोहम्मद वसीम, एम. हुसैन, अली (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), मोहम्मद तज़ीम, रायसत सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
अंत में अधिवक्ता समाज ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
Anveshi India Bureau



