Prayagraj News : जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने कई माह से लापता चल रहे मांडा विकास खंड के राजापुर कंपोजिट विद्यालय के सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया है। बीएसए ने कहा कि शिक्षक कौशल सिंह की प्रधानाध्यापिका और खंड शिक्षा अधिकारी से दुरभि संधि है। निलंबित करने के बाद शिक्षक को श्रृंग्वेरपुर के उच्च प्राथिमक विद्यालय मादूपुर से संबद्ध कर दिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने कई माह से लापता चल रहे मांडा विकास खंड के राजापुर कंपोजिट विद्यालय के सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया है। बीएसए ने बताया कि इसी विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापक कौशल सिंह एक अक्तूबर से बिना किसी सूचना और बिना किसी आदेश से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। पूछताछ में ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। विद्यालय में कक्षा सात और आठ में पढ़ने वाले बच्चों से जब पूछा गया कि कौशल सिंह कौन सा विषय पढ़ाते हैं और उनका पाठ्यक्रम कहां तक पूरा हुआ है कोई बता नहीं सका। बीएसए ने के अनुसार कौशल सिंह की विद्यालय की प्राधानाध्यापिका रजिया फरहाना और खंड शिक्षा अधिकारी से दुरभि संधि है।
कौशल सिंह एक दिन विद्यालय पहुंचते हैं और पूरे महीने का हस्ताक्षर बनाकर चले जाते हैं। यह सब प्रधानाध्यापिका और खंड शिक्षा अधिकारी की मिलीभगत से ही संभव हो सकता है। बीएसए के अनुसार कौशल सिंह का यह खेल कई वर्षों से चल रहा है। कहा कि इस कृत्य न सिर्फ बच्चों का भविष्य अंधकार मय हो रहा है बल्कि शिक्षक की गरिमा भी गिर रही है। इससे लग रहा है कि कौशल सिंह को शिक्षण कार्य में कोई रुचि नहीं है।
यह घोर अनुशासनहीनता और बालकों का निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 में उल्लिखित शिक्षकों के कार्य एवं दायित्वों के विरुद्ध कार्य करने का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। बीएसए ने कौशल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए श्रृंग्वेरपुर विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय मांदूपुर से संबद्ध कर दिया है। मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी होलागढ़ को सौंपी गई है।
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