अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व मठ बाघंबरी गद्दी के महंत रहे नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की गवाही हुई। बार के एक अधिवक्ता के निधन के कारण अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व मठ बाघंबरी गद्दी के महंत रहे नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की गवाही हुई। बार के एक अधिवक्ता के निधन के कारण अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। जिसके कारण आरोपी बनाए गए आनंद गिरि समेेत अन्य की तरफ से अधिवक्ता कोर्ट में पेश नहीं हो सके। इसलिए इस मामले में प्रति परीक्षण 24 फरवरी को होगा। महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर 2021 को बाघंबरी मठ में अपने कक्ष में मृत पाए गए थे। उनके शिष्यों ने उनका शव लटकता पाया था।
घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। उसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी (बड़े हनुमान मंदिर के तत्कालीन पुजारी) और उनके बेटे संदीप तिवारी पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। घटना के अगले दिन 21 सितंबर 2021 को जॉर्जटाउन थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में सीबीआई की ओर से 18 नवंबर 2021 को दायर आरोपपत्र में हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप भी जोड़े गए।
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