श्रीपंच दशनाम श्रीसंत गुरुदत्त अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर सहित सात महामंडलेश्वर का पट्टाभिषेक कार्यक्रम 26 अक्टूबर शनिवार को सुबह नौ बजे से संगम पर शुरू होगा। इसकी व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गयी है। प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम के जगद्गुरु स्वामी नारायणाचार्य शांडिल्य जी महराज पट्टाभिषेक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिष्यों सहित शामिल होंगे।
श्रीपंच दशनाम श्रीसंत गुरुदत्त अखाड़ा के संरक्षक श्री श्री 1008 चैतन्य नंद गिरी आज मथुरा से प्रयागराज पहुंचे जिनका बड़ी संख्या में शिष्यों ने फूलमालाओं से स्वागत किया। वह कुछ देर विश्राम के पश्चात संगम स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे और तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पटटाभिषेक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने के लोग शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी 13 अखाड़ों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया गया है।
श्रीपंच दशनाम श्रीसंत गुरुदत्त अखाड़ा के संरक्षक श्री श्री 1008 चैतन्य नंद गिरी ने बताया कि संगम तट पर भव्य समारोह में पट्टाभिषेक कार्यक्रम 26 अक्टूबर को सुबह नौ बजे से शुरू होगा। इस दौरान सभी प्रदेशों के महामंडलेश्वर, मण्डलेश्वर ,महंत, पीठाधीश्वर, जगद्गुरु, श्रीमहंत सहित अन्य लोग शुक्रवार की शाम तक प्रयागराज पहुंच जाएंगे। उन्होंने बताया कि अखाड़ा के संस्थापक श्री श्री 1008 आदित्यनंद गिरि गोल्डन बाबा सड़क मार्ग से चलकर गुरूवार की दोपहर तक प्रयागराज पहुंच जाएंगे।
उन्होंने बताया कि श्रीपंच दशनाम श्रीसंत गुरुदत्त अखाड़ा का गठन 2018 में हो गया था। अभी तक 31 राज्यों में संरक्षण के लिए 31 प्रमुख पदाधिकारी बनाये गये है।
श्रीपंच दशनाम श्रीसंत गुरुदत्त अखाड़ा के संरक्षक श्री श्री 1008 चैतन्य नंद गिरी ने बताया कि संगम पर भव्य पण्डाल और 251 तख्तों से सजे पण्डाल में विधि विधान से पट्टाभषेक कार्यक्रम होगा। इस दौरान 51 आचार्य पुष्पवर्षा के बीच वैदिक मंत्रों से कार्यक्रम संपन्न करायेंगे।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अखाड़ा संस्थापक श्री श्री 1008 आदित्य आनंद गोल्डन गिरी महाराज गुरूवार की दोपहर प्रयागराज पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए श्री श्री 1008 श्री भवानी शंकारानंद गिरी मां अर्धनारीश्वर समाज संरक्षण एवं आचार्य श्री श्री 1008 सोनिया नंद गिरी अर्धनारीश्वर समाज शुक्रवार की दोपहर तक प्रयागराज पहुंच रही है। उनका स्वागत बड़ी संख्या में शिष्य पुष्प वर्षा के बीच करेंगे।
Anveshi India Bureau



