उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक और आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा दो दिन कराने के विरोध में प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन जारी है।

छात्रों को समझाने पहुंचे-डीएम और पुलिस कमिश्नर पर नहीं बनी बात
देर रात पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा और जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ भी लोकसेवा आयोग पहुंचे। काफी देर तक दोनों अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थी अपनी मांग पर अड़े रहे। प्रतियोगी छात्र किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

आयोग पर छात्रों का मेला दिनभर आता रहा रेला
एक तरफ आयोग परिसर के बाहर दिनभर प्रतियोगी छात्रों का मेला लगा रहा तो आयोग आने वाले हर रास्ते से दिनभर छात्रों का रेला आयोग की तरफ आता रहा। छात्र पहले से तय करके आए थे कि अब धरने से उठना नहीं है, सो उन्हीं के बीच में से तमाम साथी कभी पानी की बोतलें तो कभी बिस्किट व नमकीन के पैकेट लेकर पहुंचते रहे।

एक समान मूल्यांकन पर स्पष्ट नहीं नॉर्मलाइजेशन
दो दिन की परीक्षा में अलग-अलग शिफ्ट में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के एक समान मूल्यांकन के लिए आयोग ने नॉर्मलाइजेशन (मानकीकरण) को लागू कर दिया लेकिन आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह फॉर्मूला काम कैसे करेगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग ने पसेंटाइल स्कोर निकालने का फॉर्मूला तो चता दिया लेकिन नॉर्मलाइजेशन कैसे करेंगे। यह फॉर्मूला वैज्ञानिक रूप से कारगर है या नहीं, इस भी संदेह है। जिन परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन लागू किया गया, ये परीक्षाएं हमेशा विवादों में रहीं हैं।

यह है छात्रों की मांग
प्रतियोगी छात्र एक ही मांग पर अड़े हैं कि पीसीएस और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा एक ही दिन में कराई जाए। पीसीएस और आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा दो दिन कराने के यूपीपीएससी के फैसले के खिलाफ छात्र आंदोलन शुरू कर दिए हैं। वहीं आयोग दो दिन परीक्षा कराने पर अड़ गया है।

डीएम और पुलिस कमिश्नर ने भी समझाया
प्रशासन और पुलिस के साथ प्रतियोगी छात्रों की वार्ता आज सुबह फिर से बेनतीजा रही। आयोग की तरफ से कोई संकेत न होने के कारण अधिकारी भी कुछ आश्वासन नहीं दे पा रहे हैं। प्रयागराज में संघ लोक सेवा आयोग के कार्यालय के बाहर कल से आंदोलन कर रहे प्रतियोगी स्टूडेंट्स से बातचीत की। डीएम रविंद्र और पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा फिर पहुंचे। छात्र चाहते हैं कि परीक्षा दो दिन न हों और सरलीकरण भी न हो।
Courtsy amarujala.com







