Tuesday, February 17, 2026
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Cyber Crime : आपके खाते से आतंकियों को फंडिंग हुई…कह मेडिकल छात्र से एक लाख ठगे

पीड़ित छात्र अच्युतानंद मिश्रा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह मेडिकल कॉलेज के बालक छात्रावास में रहकर पढ़ाई करता है। 28 अक्तूबर को उनके पास एक अज्ञात नंबर से व्हाट्स एप कॉल आई, उसमें एक अधिकारी का फोटो लगा हुआ था।

आपके खाते से आतंकियों के खाते में फंडिंग हुई है, मैं जैसा कह रहा हूं, वैसा करते जाओ, नहीं तो तुम्हारी जिंदगी खराब हो जाएगी। कुछ इस तरह से डरा धमकाकर साइबर ठगों ने मेडिकल छात्र से एक लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित छात्र ने नंबर के आधार पर जार्जटाउन थाने में केस दर्ज कराया है।

पीड़ित छात्र अच्युतानंद मिश्रा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह मेडिकल कॉलेज के बालक छात्रावास में रहकर पढ़ाई करता है। 28 अक्तूबर को उनके पास एक अज्ञात नंबर से व्हाट्स एप कॉल आई, उसमें एक अधिकारी का फोटो लगा हुआ था। उसने कहा कि आपके अकाउंट से आतंकवादियों के खाते में फंडिंग हुई है। इसके बाद जेल भेजने और जिंदगी खराब करने की धमकी देने लगा।
साथ ही कहा कि यदि बचना चाहते हो तो जैसा कह रहा हूं वैसा करो। इसके बाद वह उनसे पैसों की मांग करने लगा। वह उसकी बातों को सच मानकर डर गया और उसके भेजे गए छह अलग-अलग अकाउंट नंबर में सात बार में कुल 1.0890 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिया। फोन कटने के बाद शक होने पर जब दोबारा उस नंबर पर फोन मिलाया तो वह बंद आने लगा। 

सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी से 2.93 लाख रुपये की ठगी

सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी से खाने के आर्डर में गड़बड़ी मिलने के बाद रिफंड कराने के नाम पर दो लाख रुपये की ठगी की गई। धूमनगंज थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस शिकायत में उमरपुर नींवा निवासी धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वह सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन हैं।

हाल ही में उन्होंने खाने के लिए ऑनलाइन आर्डर किया। लेकिन, सामान कुछ गड़बड़ी मिली। पैसा रिफंड कराने के लिए इंटरनेट से नंबर निकाला। कॉलर ने पैसे वापस देने की बात कहते हुए अपने एक अधिकारी से बात करने को कहा। इसके बाद एक एप को डाउनलोड करवाया। इससे उनका व्हाट्सएप हैक किया। इसके बाद ठग ने कुल पांच बार में खाते से 2.93 लाख रुपये उड़ा दिए।

आईपीओ व शेयर बाजार में ट्रेडिंंग कराने के नाम पर ठगे 24 लाख

बारा थाना क्षेत्र के प्रयाग विहार कॉलोनी के रहने वाले संजय भार्गव से 24.85 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने आईपीओ और शेयर बाजार में ट्रेडिंंग कराने का झांसा देकर रकम ऐंठ ली। साइबर पुलिस को संजय ने बताया कि व्हाट्सएप पर आए लिंक के माध्यम से ठगों से संपर्क हुआ। इसके बाद एप के माध्यम से आईपीओ व शेयर बाजार में ट्रेंडिंग करने लगे। 28 अगस्त से चार अक्तूबर तक तीन बैंक खाते से कुल 24.85 लाख रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है। वर्तमान में कोई राशि नहीं दी जा रही है। साथ ही राशि जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

सेवानिवृत्त महिला प्रधानाचार्य से ठगे 5.95 लाख

मैं सीबीआई अधिकारी बोल रहा हूं… तुम्हारा बेटा कई अपराधियों के साथ पकड़ा गया है। पांच मिनट में छह लाख रुपये भेजो नहीं तो उसे 25 साल के लिए जेल भेजना पड़ेगा। यह सुनकर सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य यूसुफा नफीस ने ठग को 5.95 लाख रुपये भेज दिए। मामले में साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।

करेली के जीटीबी नगर में यूसुफा नफीस (66) परिवार के साथ रहती हैं। वह खुल्दाबाद के एक गर्ल्स डिग्री कॉलेज से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने साइबर पुलिस को बताया कि उनके पास आठ नवंबर की सुबह करीब 11 बजे एक अंजान नंबर से फोन आया।

फोन करने वाले ने कहा कि तुम्हारा बेटा कई अपराधियों के साथ पकड़ा गया है। बेटे से बात कराने के लिए कहा गया तो रोने की आवाज आई। इसके बाद परमेश्वर भुयिमा नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया गया। इसमें गूगल-पे के माध्यम से 95 हजार रुपये भेज दिए। थोड़ी देर बाद नए नंबर से फोन आया और कहा कि बेटे को जेल भेज रहे हैं, और रुपयों की व्यवस्था करो।

जबलपुर के केनरा बैंक में जमा कराए रुपये

पीड़िता ने मीरापुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के अपने खाते से पांच लाख रुपये केनरा बैंक, जबलपुर, मध्य प्रदेश में करन बरमन के नाम के खाते में आरटीजीएस कर दिए। इस तरह ठगों को कुल 5.95 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद और रुपयों की डिमांड होने लगी। बेटे को दिखाने की बात कही गई तो कई नंबरों से फोन आने लगे। सभी रुपयों की मांग कर रहे थे।

ऐसे हुआ ठगी का खुलासा

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि छोटा बेटा दिल्ली और बड़ा बेटा दुबई में रहता है। आरोपियों को रुपये देने के बाद जब बड़े बेटे को फोन किया। उसने कहा कि उसके साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ है तुरंत छोटे भाई को फोन कर इसके बारे में पूछो। इसके बाद छोटे बेटे को फोन लगाया तो उसने कहा कि उसके साथ भी ऐसा कुछ नहीं हुआ है। वह बिलकुल ठीक है। इसके बाद ठगी की जानकारी हुई।

 

 

 

Anveshi India Bureau

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