सैम हिगिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय (शुआट्स) में आयोजित तीन दिवसीय कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि अधिकारी समागम आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। विश्वविद्यालय के शोध और विकास कार्यों की गहन समीक्षा के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों के दल ने कृषि नवाचारों और किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की।
कृषि निदेशक *डॉ. हरेंद्र उपाध्याय* के नेतृत्व में आए अधिकारियों के दल ने कृषि के क्षेत्र में और किसानों के कल्याण हेतु शुआट्स के वैज्ञानिकों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। अधिकारियों ने *एग्रोनॉमी, हॉर्टिकल्चर, एग्रीकल्चर एक्सटेंशन, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, फूड एंड न्यूट्रिशन, सॉइल साइंस, जियोस्पैटियल टेक्नोलॉजी और एआई, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग* जैसे प्रमुख विभागों द्वारा किए गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

इसके अतिरिक्त, दल ने विभागों से राज्य और केंद्र सरकार के कृषि विकास की दृष्टि के अनुरूप नए परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने शुआट्स प्रशासन को यह आश्वासन भी दिया कि वे विश्वविद्यालय के प्रभावी कार्यों को राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेंगे और नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दिलाने में हर संभव सहयोग करेंगे।
*प्रोफेसर डॉ. एस. डी. मकैर्टी, निदेशक शोध, ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों को उनके मार्गदर्शन और सकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए आभार व्यक्त किया। शुआट्स की रजिस्ट्रार **प्रोफेसर डॉ. रानू प्रसाद* ने कहा कि इस समागम का सफल समापन कृषि प्रगति को बढ़ावा देने में राज्य सरकार और शुआट्स के बीच मजबूत साझेदारी को और सुदृढ़ करता है।
इस अवसर पर, प्रो-वीसी (एडमिन) *प्रोफेसर डॉ. विश्वरूप मेहरा, प्रो-वीसी (पीएमडी) **प्रोफेसर डॉ. रितु दुबे, निदेशक प्रसार **डॉ. प्रवीण चरण, और निदेशक विकास एवं पी.आर. **डॉ. रमाकांत दुबे* सहित बड़ी संख्या में शुआट्स के वैज्ञानिक, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
Anveshi India Bureau



