आरओ-एआरओ परीक्षा के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने का आश्वासन देकर आयोग प्रतियोगी छात्रों को बरगला नहीं सकता है। दोनों परीक्षाओं को एक दिन एक शिफ्ट में कराने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया गया था। आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। पुलिस बल तैनात है। सड़क की एक लेन पर वाहनों का आवागमन भी शुरू कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के झुकने के बाद भी प्रतियोगी छात्रों का धरना प्रदर्शन और आंदोलन जारी है। छात्र आयोग के दो नंबर गेट के सामने डंटे हुए हैं और हटने के लिए तैयार नहीं हैं। यूपी लोक सेवा आयोग के बाहर छात्रों का धरना-प्रदर्शन जारी है। आज प्रदर्शन का 5वां दिन है। आयोग के गेट नंबर दो के बाहर छात्र-छात्राएं इकट्ठा हुए हैं। आरओ-एआरओ परीक्षा एक दिन में कराए जाने की मांग की जा रही है। हालांकि आयोग ने आरओ-एआरओ परीक्षा को स्थगित कर दिया है। साथ ही परीक्षा को लेकर कमेटी का गठन किया गया। हालात को देखते हुए गेट नंबर 2 पर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा भी एक दिन में कराने की घोषणा की जाए, तभी उनका आंदोलन पूरी तरह से खत्म होगा। छात्रों की मांग यह है कि जिस तरह से पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा को एक शिफ्ट में कराने की घोषणा की गई है, उसी तरह आरओ-एआरओ परीक्षा भी वन डे वन शिफ्ट में कराने का लिखित आश्वासन दिया जाए, तभी वह धरना खत्म करेंगे।
छात्रों का कहना है कि आरओ-एआरओ परीक्षा के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने का आश्वासन देकर आयोग प्रतियोगी छात्रों को बरगला नहीं सकता है। दोनों परीक्षाओं को एक दिन एक शिफ्ट में कराने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया गया था। आयोग ने एक ही परीक्षा की मांग मानी है, जबकि आरओ एआरओ परीक्षा को एक दिन में कराने के लिए कोई फैसला नहीं किया है। शुक्रवार को भी आंदोलन जारी है, लेकिन भीड़ काफी कम है। स्थिति यह है कि सड़क की एक लेन पर वाहनों का आवागमन भी चालू करा दिया गया है। फिलहाल आयोग और प्रशासन का कोई अधिकारी धरने पर बैठे छात्रों से बातचीत के लिए नहीं पहुंचा है।



