‘पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब’। बदलते जमाने के साथ यह कहावत भी बदल गई है। अब कंप्यूटर और एआई के साथ हॉकी-क्रिकेट जैसे खेल भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बन गए हैं। ‘पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब’। बदलते जमाने के साथ यह कहावत भी बदल गई है। अब कंप्यूटर और एआई के साथ हॉकी-क्रिकेट जैसे खेल भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बन गए हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की एकेडमिक कौंसिल ने मंगलवार को नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक में चार वर्षीय ऑनर्स डिग्री और 150 से अधिक नए ऐच्छिक पाठ्यक्रमों को शुरू करने पर मुहर लगा दी। सीनेट हॉल कॉम्प्लेक्स के नॉर्थ हॉल में कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम और 150 से अधिक ऐच्छिक पाठ्यक्रम सत्र 2025-26 से शुरू करने का निर्णय लिया गया।ऐच्छिक पाठ्यक्रम दो क्रेडिट के होंगे और उनकी न्यूनतम फीस होगी। छात्र इसके समानांतर दो क्रेडिट के कोर्स अथवा स्किल ट्रेनिंग कार्यक्रम एनपीटीईएल, स्वयं, मूक या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से कर सकते हैं। जिन नए ऐच्छिक पाठ्यक्रमों को शुरू करने का निर्णय लिया गया है, उनमें हॉकी, बैडमिंटन, क्रिकेट की ट्रेनिंग, कंप्यूटर, एआई, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज की ट्रेनिंग, बेकिंग, खाद्य प्रसंस्करण, फैब्रिक पेंटिंग, कढ़ाई, कुकिंग के विभिन्न प्रकार जैसे दक्षिण भारतीय व्यंजन, चाइनीज व्यंजन, संगीत, लोक संगीत, विभिन्न वाद्य यंत्र जैसे सितार, तबला, गिटार वादन और धर्म शास्त्र आदि शामिल हैं।
इनके अलावा 16 संस्कार, कठोपनिषद, अन्य उपनिषद, कंप्यूटर भाषाएं, क्रिएटिव राइटिंग, काव्य मंचन, व्यक्तित्व विकास एवं पब्लिक स्पीकिंग, भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक व्यक्ति जैसे पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। ऐच्छिक और फाउंडेशन पाठ्यक्रमों में निरंतर मूल्यांकन होगा। हर पाठ्यक्रम में 20 से अधिक सीटें नहीं होंगी। वहीं, बीए, बीएसी व बीकॉम के चार वर्षीय (आठ सेमेस्टर) स्नातक पाठ्यक्रम में छात्र को दो मुख्य विषयों के साथ एक सहायक विषय दिया जाएगा।
सहायक विषय पहले दो वर्षों यानी पहले चार सेमेस्टर में पढ़ाया जाएगा। पांचवें और छठे सेमेस्टर में सहायक विषय हटा दिया जाएगा और छात्र केवल दो मुख्य विषयों का अध्ययन करेंगे। सातवें और आठवें सेमेस्टर वाले चौथे वर्ष में छात्र योग्यता के नियमों के आधार पर एक विषय में ऑनर्स पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे।
160 क्रेडिट का होगा स्नातक पाठ्यक्रम
नई शिक्षा नीति में बहु प्रवेश और निकास का प्रावधान है। छात्र पहले वर्ष के बाद प्रमाणपत्र के साथ, दूसरे वर्ष के बाद डिप्लोमा के साथ, तीसरे वर्ष के बाद डिग्री के साथ और चौथे वर्ष के बाद शोध सहित ऑनर्स के साथ अपने संबंधित कार्यक्रम में प्रवेश या निकास कर सकते हैं। हर सेमेस्टर 20 क्रेडिट का होगा और पूरा कार्यक्रम 160 क्रेडिट का होगा।
तीन साल पहले ही इविवि में लागू हुई थी एनईपी
इविवि ने तीन साल पहले नई शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, तब छह एकीकृत कार्यक्रम शुरू किए थे। इनमें पांच वर्षीय बीएएलएलबी, कंप्यूटर साइंस में पांच वर्षीय एकीकृत बीटेक-एमटेक, वाणिज्य में पांच वर्षीय एकीकृत यूजी-पीजी, चार वर्षीय एकीकृत बीएफए, परिवार एवं सामुदायिक विज्ञान में पांच वर्षीय एकीकृत यूजी-पीजी, बीपीए में चार वर्षीय पाठ्यक्रम शामिल थे। नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के इस दूसरे चरण में इविवि ने वाणिज्य, विज्ञान और कला संकाय के स्नातक पाठ्यक्रमों सहित विश्वविद्यालय के सभी कार्यक्रमों में नीति को व्यापक रूप से लागू करने की तैयारी की है।
Courtsy amarujala



