यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा व न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने आजमगढ़ निवासी महिला व अन्य की याचिका पर दिया है। महिला के बेटे के विरुद्ध कोतवाली थाने में 21 अप्रैल, 2025 को नाबालिग का अपहरण करने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। इसके बाद पुलिस ने कथित तौर पर महिला, उसके पति व बेटे को परेशान करना शुरू कर दिया। इससे परेशान महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस की ओर से की जा रही अनावश्यक पूछताछ और उत्पीड़न को रोकने की गुहार लगाई थी।
याची अधिवक्ता सुधीर कुमार सिंह ने न्यायालय के समक्ष पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत विवेचना की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद याचिका निस्तारित कर दी।