इलाहाबाद जनकल्याण समिति द्वारा आज सायं 04 बजे बलुआ घाट, यमुना तट पर देश के महान क्रांतिकारी, पंजाब केसरी एवं शेर-ए-हिन्द लाला लाजपत राय जी की 160वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लाला लाजपत राय जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का संचालन कृष्ण गोपाल कृष्णा द्वारा किया गया। इस अवसर पर इलाहाबाद जनकल्याण समिति के अध्यक्ष श्री हन्जला फारूकी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में श्री हन्जला फारूकी ने कहा कि लाला लाजपत राय केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे, बल्कि वे अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने कहा कि साइमन कमीशन के विरोध में अंग्रेज़ी हुकूमत की लाठियाँ अपने सीने पर झेलते हुए भी पीछे न हटना, उनके अदम्य साहस, राष्ट्रप्रेम और बलिदान भावना को दर्शाता है।
उन्होंने कहा—
“लाला लाजपत राय ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। आज जब देश सामाजिक, आर्थिक और नैतिक चुनौतियों से जूझ रहा है, तब युवाओं को पंजाब केसरी के विचारों से प्रेरणा लेने की सबसे अधिक आवश्यकता है।”
श्री फारूकी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल इतिहास पढ़ने तक सीमित न रहें, बल्कि देश, समाज और न्याय के लिए संघर्ष की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करें।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने “लाला लाजपत राय अमर रहें” और “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों के साथ महान क्रांतिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से परशुराम चौहान, मौअज्जम अंसारी, मोहम्मद यूनुस रियाज़, सैफी अहमद, साहिल खान तथा वरिष्ठ पत्रकार श्री अमीर मिर्ज़ा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
Anveshi India Bureau



