इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों में स्नातक और परास्नातक के परंपरागत पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा शुक्रवार को एलएलबी, एलएलएम और एमकॉम परीक्षा के साथ संपन्न हुई।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों में स्नातक और परास्नातक के परंपरागत पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा शुक्रवार को एलएलबी, एलएलएम और एमकॉम परीक्षा के साथ संपन्न हुई। एलएलबी प्रवेश परीक्षा में ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड को मिलाकर कुल 15 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। एलएलबी ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा में 82 फीसदी व ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा में 87 फीसदी परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सुबह 09:30 से 11:40 बजे हुई एलएलबी ऑनलाइन परीक्षा के लिए 3918 अभ्यर्थियों में से 3204 परीक्षार्थी उपस्थित रहे और 714 ने परीक्षा छोड़ दी।
09.30 से 11.30 बजे तक में हुई एलएलबी की ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा के लिए 5717 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 4963 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई और 754 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। एलएलएम ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा में 84 फीसदी व ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा में 88 फीसदी परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सुबह 09:30 से 11:40 बजे हुई एलएलएम ऑनलाइन परीक्षा के लिए 1972 अभ्यर्थियों में से 1665 परीक्षार्थी उपस्थित रहे और 307 ने परीक्षा छोड़ दी।
09.30 से 11.30 बजे तक में हुई एलएलएम की ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा के लिए 2957 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 2601 परीक्षार्थी उपस्थित रहे और 356 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।एमकॉम ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा में 92 फीसदी व ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा में 90 फीसदी परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दोपहर दो बजे से 04:10 बजे हुई एमकॉम ऑनलाइन परीक्षा के लिए 501 अभ्यर्थियों में से 459 परीक्षार्थी उपस्थित रहे और 42 ने परीक्षा छोड़ दी।
दो बजे से चार बजे तक में हुई एमकॉम की ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा के लिए 475 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 426 परीक्षार्थी उपस्थित रहे और 49 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस तरह एमकॉम की परीक्षा में कुल 91 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
लखनऊ में तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा में हुआ विलंब
लखनऊ के सिटी मॉडर्न एकेडमी सेंटर में एलएलबी और एलएलएम के लिए ऑनलाइन पीजीएटी-2025 परीक्षा सर्वर में कुछ तकनीकी समस्या के कारण विलंब हो गया था। हालांकि, मामले को सुलझा लिया गया और परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। केंद्र पर पंजीकृत 443 उम्मीदवारों में से 86 प्रतिशत (373 उम्मीदवार) उपस्थित थे।